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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक शक्तियों तथा भू-आकृतिक प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप निर्मित पर्वत, पठार तथा मरुस्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वलित पर्वत (Fold Mountains) का निर्माण मुख्य रूप से विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी किनारों (Convergent Boundaries) पर संपीडन बलों (Compressional Forces) के कारण होता है, जिसके अंतर्गत अल्पाइन क्रम के पर्वत (जैसे हिमालय, रॉकीज़, एंडीज और आल्प्स) पृथ्वी के भूगर्भीय इतिहास के नवीनतम पर्वत हैं।
  2. 2. संयुक्त राज्य अमेरिका का 'कोलम्बिया का पठार' और भारत का 'दक्कन का पठार' अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठारों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण लावा के विशाल बहिर्वरण और क्षैतिज रूप से लगातार जमने के कारण सीढ़ीनुमा बेसॉल्ट संरचना के रूप में हुआ है।
  3. 3. ऑस्ट्रेलिया का 'ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल' एक उष्णकटिबंधीय मरुस्थल है, जो मुख्य रूप से व्यापारिक हवाओं के प्रभाव क्षेत्र में उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) के अंतर्गत महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर स्थित होने के कारण वर्षा छाया क्षेत्र या शुष्क दशाओं में आता है।
  4. 4. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के एंडीज पर्वतमाला के वृष्टिछाया (Rain Shadow) क्षेत्र में स्थित 'अटाकामा मरुस्थल' विश्व के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जहाँ वर्ष भर अत्यधिक शुष्कता का प्रमुख कारण पास से गुजरने वाली ठंडी 'हम्बोल्ट धारा' (Peru Current) की उपस्थिति और प्रशांत महासागर से आने वाली आर्द्र हवाओं का अवरुद्ध होना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि वलित पर्वतों का निर्माण अभिसारी प्लेट सीमाओं पर विवर्तनिक संपीडन के कारण होता है और अल्पाइन पर्वत सबसे नवीन हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि कोलम्बिया का पठार और दक्कन का पठार 'लावा पठार' (Lava Plateaus) या महाद्वीपीय पठार के उदाहरण हैं, न कि अंतर-पर्वतीय पठार के (अंतर-पर्वतीय पठार चारों तरफ से पर्वतों से घिरे होते हैं, जैसे तिब्बत का पठार)। कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं; ऑस्ट्रेलिया के मरुस्थल उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब और व्यापारिक हवाओं के प्रभाव से बनते हैं, तथा अटाकामा मरुस्थल की शुष्कता का मुख्य कारण हम्बोल्ट ठंडी जलधारा और एंडीज का वृष्टिछाया प्रभाव है। विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और सत्याग्रह का आह्वान किया था, जिसमें पहली बार अखिल भारतीय स्तर पर आम जनता, कामगारों और शहरी मध्यम वर्ग की बड़ी भागीदारी देखी गई थी। 2. खिलाफत आंदोलन की शुरुआत भारत में तुर्की के खलीफा के पद को बनाए रखने और उसके साम्राज्य के विघटन को रोकने के लिए अली बंधुओं (मौलाना मोहम्मद अली और शौकत अली), मौलाना आजाद तथा हसरत मोहानी के नेतृत्व में की गई थी, जिसे महात्मा गांधी ने हिंदू-मुस्लिम एकता के एक अद्वितीय अवसर के रूप में समर्थन दिया था। 3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया था, और इस प्रस्ताव को सी.आर. दास, चित्तरंजन दास और मदन मोहन मालवीय जैसे दिग्गज नेताओं के भारी विरोध के कारण अस्वीकार कर दिया गया था, जिससे गांधीजी को निराशा हाथ लगी थी। 4. फरवरी 1922 में गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर हुई हिंसक घटना के बाद, जिसमें भीड़ द्वारा पुलिस थाने में आग लगा दी गई थी और 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे, महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय और देशांतर रेखाओं तथा मानक समय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के मध्य फैला हुआ है, जिससे इसकी उत्तर से दक्षिण की कुल लंबाई पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई की तुलना में अधिक है। 2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है। 3. 82°30' पूर्व देशांतर रेखा कुल पाँच भारतीय राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश — से होकर गुजरती है, जबकि भारत की मानक समय रेखा और कर्क रेखा आपस में छत्तीसगढ़ राज्य में एक-दूसरे को काटती हैं। 4. भारत के सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का अंतर पाया जाता है, क्योंकि पृथ्वी को 1° देशांतर पार करने में 4 मिनट का समय लगता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? यंग बंगाल आंदोलन को किसने प्रभावित किया था? बिहार के भौगोलिक परिदृश्य, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पहलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार सरकार द्वारा कार्यान्वित 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार करना, पारंपरिक जल स्रोतों (तालाबों, पोखरों, आहर और पाइन) का पुनरुद्धार करना तथा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के माध्यम से राज्य के हरित आवरण को बढ़ाना है। 2. 'बिहार स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज' के अंतर्गत राज्य के दक्षिणी पथरीले और अर्ध-शुष्क जिलों में मरुस्थलीकरण के प्रसार को रोकने तथा कार्बन सिंक को सुदृढ़ करने के लिए कृषि वानिकी और बांस मिशन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 3. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) पश्चिम चंपारण जिले के तराई क्षेत्र में स्थित राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जो नम पर्णपाती वनों का प्रतिनिधित्व करता है और यहाँ बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 4. कावर झील (बेगूसराय) बिहार की पहली और एकमात्र अधिसूचित रामसर आर्द्रभूमि है, जबकि गोगाबिल झील (कटिहार) को अभी तक किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय संरक्षण सूची में शामिल नहीं किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य के जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद ही की जाती है, जबकि अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है। 2. संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा वहाँ से घटा सकती है, जैसा कि दिल्ली उच्च न्यायालय की स्थापना वर्ष 1966 में की गई थी। 3. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकते हैं। 4. किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही होती है, और जब किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को भारत के मुख्य न्यायमूर्ति के अनुरोध पर अस्थायी रूप से पुनः नियुक्त किया जाता है, तो उसे उस पद पर कार्य करने के दौरान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित भत्ते और वेतन प्राप्त होते हैं।
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