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BPSC TRE 4.0
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा तथा भारत में स्थित हॉटस्पॉट क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा सबसे पहले वर्ष 1988 में ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मेयर्स (Norman Myers) द्वारा प्रतिपादित की गई थी, जिसके अनुसार किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए और उस क्षेत्र ने अपनी मूल वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70% या उससे अधिक हिस्सा नष्ट कर दिया हो।
  2. 2. विश्व स्तर पर वर्तमान में कुल 36 जैव विविधता हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से भारत के भूभाग के अंतर्गत मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं: पश्चिमी घाट (Western Ghats), पूर्वी हिमालय (Eastern Himalaya), इंडो-बर्मा क्षेत्र (Indo-Burma Region) और सुंडालैंड (Sundaland)।
  3. 3. भारत का 'पश्चिमी घाट' क्षेत्र अपनी अत्यधिक जैव विविधता और उच्च स्थानिक प्रजातियों के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है, और माधाव गाडगिल समिति तथा कस्तूरीरंगन समिति का गठन इसी क्षेत्र के पारिस्थितिकीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (Ecologically Sensitive Areas) के संरक्षण और प्रबंधन की सिफारिशों के लिए किया गया था।
  4. 4. भारत में स्थित 'सुंडालैंड' हॉटस्पॉट के अंतर्गत संपूर्ण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ लक्षद्वीप द्वीप समूह का संपूर्ण भूभाग भी शामिल है, जो जलीय और स्थलीय दोनों प्रकार की अनूठी पारिस्थितिकी को प्रदर्शित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के सभी कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। कथन 4 असत्य क्यों है? क्योंकि 'सुंडालैंड' हॉटस्पॉट के अंतर्गत भारत के निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश शामिल हैं, किंतु इसमें लक्षद्वीप द्वीप समूह शामिल नहीं है (लक्षद्वीप क्षेत्र पश्चिमी घाट हॉटस्पॉट के अंतर्गत आता है)। जैव विविधता हॉटस्पॉट, नॉर्मन मेयर्स के मानदंड, और पश्चिमी घाट संरक्षण से जुड़ी गाडगिल व कस्तूरीरंगन समितियाँ पर्यावरण अध्ययन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसी ही अन्य उच्च-स्तरीय अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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