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BPSC TRE 4.0
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे अपने कर्तव्यों के पालन के दौरान भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, परंतु उसे किसी भी परिस्थिति में मतदान (Vote) करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।
- 2. अनुच्छेद 88 के अनुसार, महान्यायवादी को संसद के किसी भी सदन की बैठकों में या उसकी समितियों में (यदि उसे सदस्य के रूप में नामित किया गया हो) बोलने की स्वतंत्रता और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं, और वह एक सांसद की तरह ही संसदीय विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों का हकदार होता है।
- 3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जो कभी भंग नहीं होता, और इसके सदस्यों का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा राज्य की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है, तथा इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं।
- 4. लोकसभा में बिहार राज्य से कुल 40 सीटें आवंटित हैं, जबकि राज्य सभा में बिहार के लिए 16 सीटें निर्धारित हैं, और लोकसभा के विघटन के साथ ही राज्य सभा भी स्वतः विघटित हो जाती है क्योंकि यह उच्च सदन के रूप में संसद का अभिन्न अंग है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। महान्यायवादी (AGI) को अनुच्छेद 76 और 88 के तहत संसद के दोनों सदनों में बोलने और कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, लेकिन अनुच्छेद 88 के स्पष्ट प्रावधान के अनुसार उसे मतदान करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि वह संसद का सदस्य नहीं होता। राज्य सभा एक स्थायी निकाय है (अनुच्छेद 83) जो कभी भी विघटित नहीं होती है, इसलिए कथन 4 असत्य है क्योंकि लोकसभा के विघटन से राज्य सभा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए भारतीय राजव्यवस्था के इन अनुच्छेदों का गहन अध्ययन आवश्यक है।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण और उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं के संचलन का प्राथमिक कारण पृथ्वी का घूर्णन (Coriolis Force) है, जो उत्तरी गोलार्ध में जलधाराओं को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है।
2. तापमान में भिन्नता के कारण उत्पन्न घनत्व प्रवणता (Density Gradient) महासागरीय जल के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज संचलन का मुख्य आधार बनती है, जिससे समुद्र की सतह पर ठंडी जलधाराएँ और गहराई में गर्म जलधाराएँ चलती हैं।
3. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है, जो मेक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती है और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
4. प्रशांत महासागर की ठंडी जलधारा 'हम्बोल्ट या पेरू जलधारा' (Humboldt or Peru Current) के कमजोर पड़ने या उसके स्थान पर गर्म जलधारा के प्रकट होने से 'अल नीनो' (El Nino) की परिघटना का विकास होता है, जो दक्षिण अमेरिकी तट पर मत्स्य उद्योग को अत्यधिक लाभ पहुँचाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों, अनुसूचियों तथा नगरीय स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) और 'व्यापार, वाणिज्य एवं समागम की स्वतंत्रता' के प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिए गए हैं, जबकि आपातकाल के दौरान मूल अधिकारों के स्थगन का प्रावधान जर्मनी के वीमर संविधान से लिया गया है।
2. संविधान की 11वीं और 12वीं अनुसूची को क्रमशः 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से जोड़ा गया था, जहाँ 11वीं अनुसूची में पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषयों का उल्लेख है, वहीं 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए 18 कार्यात्मक विषयों का प्रावधान किया गया है।
3. अनुच्छेद 243-ZJ के अंतर्गत सहकारिता समितियों के निदेशकों के बोर्ड में अधिकतम सदस्यों की संख्या 21 निर्धारित की गई है, तथा इसमें अनुसूचित जातियों/जनजातियों के लिए एक सीट और महिलाओं के लिए दो सीटें आरक्षित करना अनिवार्य किया गया है।
4. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में नगर पंचायत (ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में परिवर्तित हो रहे क्षेत्रों के लिए), नगर परिषद (छोटे नगरीय क्षेत्रों के लिए) और नगर निगम (बड़े नगरीय क्षेत्रों के लिए) का गठन किया जाना अनिवार्य है, बशर्ते राज्यपाल द्वारा किसी औद्योगिक नगरी को इसके दायरे से मुक्त न किया गया हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व की प्रमुख जलसंधियों और महासागरीय गर्तों (Trenches) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूकू जलसंधि (Cook Strait) न्यूजीलैंड के उत्तरी और दक्षिणी द्वीपों को अलग करती है और तस्मान सागर को दक्षिण प्रशांत महासागर से जोड़ती है, जबकि बैस जलसंधि (Bass Strait) ऑस्ट्रेलिया को तस्मानिया द्वीप से पृथक् करती है।
2. विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench), जो पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित है, का सबसे गहरा बिंदु 'चैलेंजर डीप' (Challenger Deep) फिलिपींस गर्त के पास स्थित है।
3. सुंडा गर्त (Sunda Trench) या जावा गर्त हिंद महासागर का सबसे प्रमुख और गहरा गर्त है, जो सुमात्रा और जावा द्वीपों के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और यह एक अभिसारी प्लेट सीमा (Convergent Plate Boundary) का परिणाम है।
4. जिब्राल्टर जलसंधि (Strait of Gibraltar) अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है तथा स्पेन (यूरोप) को मोरक्को (अफ़्रीका) से अलग करती है, जिसे 'भूमध्य सागर की कुंजी' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आधुनिक एवं परमाणु भौतिकी (Modern and Nuclear Physics) के अंतर्गत प्रकाश विद्युत प्रभाव, ड्यूटेरियम-ट्रिटियम संलयन और रेडियोसक्रिय क्षय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आइंस्टीन के प्रकाश विद्युत समीकरण ($K_{max} = h\nu - \phi$) के अनुसार, उत्सर्जित photoelectron की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति के समानुपाती होती है, और यह तीव्रता पर निर्भर नहीं करती है।
2. हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) का मूल सिद्धांत अनियंत्रित नाभिकीय संलयन (Uncontrolled Nuclear Fusion) है, जिसमें ड्यूटेरियम और ट्रिटियम के नाभिक अति उच्च तापमान और दाब पर मिलकर हीलियम का नाभिक बनाते हैं तथा एक न्यूट्रॉन और भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त करते हैं।
3. रेडियोसक्रिय समस्थानिक कार्बन-14 ($^{14}C$) की अर्ध-आयु (Half-life) का उपयोग प्राचीन जीवाश्मों और पुरातात्विक अवशेषों की आयु ज्ञात करने की 'कार्बन डेटिंग' विधि में किया जाता है, जिसमें विघटन की दर समय के साथ घातीय रूप (exponential decay) से घटती है।
4. द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) वह अंतर है जो किसी नाभिक के वास्तविक कुल द्रव्यमान और उसके व्यक्तिगत न्यूट्रॉनों तथा प्रोटॉनों के कुल द्रव्यमान के योग के बीच होता है, और यही द्रव्यमान क्षति अल्बर्ट आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण $E = \mc^2$ के अनुसार नाभिकीय बंधन ऊर्जा (Nuclear Binding Energy) में परिवर्तित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व के महाद्वीप, देश, राजधानी और उनकी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के दो प्रमुख और एकमात्र स्थल-रुद्ध (Landlocked) देश बोलीविया और पराग्वे हैं, जिनकी सीमाएं महाद्वीप के तटवर्ती देशों से तो मिलती हैं लेकिन सीधे तौर पर किसी भी महासागर या खुले समुद्र से नहीं लगती हैं।
2. 'हार्न ऑफ अफ्रीका' (Horn of Africa) क्षेत्र में चार प्रमुख देश शामिल हैं—सोमालिया, इथियोपिया, जिबूती और इरिट्रिया—तथा इन सभी देशों की सीमाएं लाल सागर या अरब सागर (हिन्द महासागर) से तटवर्ती रूप से जुड़ी हुई हैं।
3. मध्य एशिया के सभी देश (कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान) पूर्णतः स्थल-रुद्ध हैं, और इनमें से उज्बेकिस्तान एक 'डबल लैंडलॉक्ड' (Double Landlocked) देश का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि इसके चारों ओर के सभी पड़ोसी देश भी स्वयं स्थल-रुद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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