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BPSC TRE 4.0
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यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के भारत आगमन और उनकी फैक्ट्रियों/व्यापारिक बस्तियों की स्थापना के प्रारंभिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में आने वाली पहली यूरोपीय कंपनी पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी थी, जिसने वर्ष 1503 में कोचीन में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जबकि अंग्रेजों ने अपनी पहली अस्थायी फैक्ट्री वर्ष 1608 में सूरत में स्थापित करने का प्रयास किया था जिसे बाद में अनुमति मिली।
  2. 2. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने अपनी पहली व्यापारिक कोठी वर्ष 1605 में आंध्र प्रदेश के मसूलीपट्टम में स्थापित की थी, और उन्होंने भारतीय वस्त्रों के निर्यात को मुख्य रूप से मसालों के व्यापार की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी थी।
  3. 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना ला फेयर के मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से 1664 में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसीसियों की पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जबकि उनकी दूसरी फैक्ट्री मसूलीपट्टम में स्थापित हुई थी।
  4. 4. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 को जारी राजपत्र (Charter) के माध्यम से पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए दिया गया था, जिसमें कभी कोई संशोधन नहीं किया गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। पुर्तगालियों ने 1503 में कोचीन में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी। डचों ने 1605 में मसूलीपट्टम में अपनी पहली कोठी बनाई और भारतीय वस्त्रों को प्राथमिकता दी। फ्रांसीसियों ने 1668 में सूरत और 1669 में मसूलीपट्टम में फैक्ट्रियां स्थापित कीं। कथन 4 असत्य है क्योंकि महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिया गया प्रारंभिक व्यापारिक एकाधिकार केवल 15 वर्षों के लिए था, जिसे बाद में अनिश्चितकालीन किया गया था। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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