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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, प्लेट टेक्टोनिक्स तथा ज्वालामुखी एवं भूकम्प के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और विसારી (Divergent) प्लेट सीमाओं का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ विश्व के कुल सक्रिय ज्वालामुखियों का लगभग 75 प्रतिशत भाग पाया जाता है और अधिकांश गहरे भूकम्प दर्ज किए जाते हैं।
  2. 2. रिक्टर स्केल (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकम्प के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा (Energy Released) को मापता है, जबकि मार्केली स्केल (Mercalli Scale) भूकम्प की तीव्रता (Intensity) और उससे होने वाली दृश्य क्षति पर आधारित होता है।
  3. 3. सुनामी (Tsunami) तरंगें उथले समुद्र में प्रवेश करने पर अपनी गति कम कर लेती हैं, लेकिन घर्षण और ऊर्जा संपीडन के कारण उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भयंकर तबाही मचती है।
  4. 4. भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य प्रकृति की होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण कर सकती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं का क्षेत्र है, न कि विसारी (Divergent) सीमाओं का। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। रिक्टर स्केल एक लघुगणकीय पैमाना है जो ऊर्जा मापता है, मार्केली स्केल क्षति और तीव्रता पर आधारित है, सुनामी तरंगों की उथले पानी में ऊँचाई बढ़ जाती है, और P-तरंगें सभी माध्यमों जबकि S-तरंगें केवल ठोस माध्यमों में चलती हैं। अधिक जानकारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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