BPSC TRE 4.0
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ब्रह्माण्ड, सौर मंडल की संरचना और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हमारी आकाशगंगा (Milky Way) एक सर्पिल (Spiral) आकार की गैलेक्सी है, जिसके केंद्र में स्थित अति-विशाल ब्लैक होल को 'धनु ए*' (Sagittarius A*) कहा जाता है, तथा सौर मंडल को इस गैलेक्सी का एक चक्कर पूरा करने में लगभग 225 से 250 मिलियन वर्ष का समय लगता है, जिसे 'ब्रह्माण्ड वर्ष' (Cosmic Year) कहते हैं।
- 2. 'काइटो' या 'ऑर्ट क्लाउड' (Oort Cloud) सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले और धूमकेतु नुमा पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक धूमकेतुओं (Long-period Comets) का उद्गम स्थल माना जाता है।
- 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'वेस्टा' (Vesta) है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा आधिकारिक रूप से बौना ग्रह घोषित किया गया है।
- 4. सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत को 'कोरोना' (Corona) कहा जाता है, जो केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तथा सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है जिसमें हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर हीलियम का एक नाभिक बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। हमारी आकाशगंगा एक सर्पिल गैलेक्सी है और इसके केंद्र में 'Sagittarius A*' नामक सुपरमैसिव ब्लैक होल है। ऑर्ट क्लाउड सौर मंडल के बाहर स्थित दीर्घकालिक धूमकेतुओं का प्रमुख स्रोत है। सूर्य की ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है और इसकी सबसे बाहरी परत कोरोना कहलाती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि क्षुद्रग्रह पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'सीरीज' (Ceres) है, न कि वेस्टा, और सीरीज को बौना ग्रह घोषित किया गया है। और अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बोधगया का महाबोधि मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, जहाँ स्थित 'वज्र आसन' (Diamond Throne) उस स्थान को चिह्नित करता है जहाँ गौतम बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था।
2. राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (World Peace Pagoda) रत्नागिरि पहाड़ी पर स्थित है, जिसका निर्माण जापानी बौद्ध संघ द्वारा कराया गया था और यह दुनिया के सबसे ऊंचे शांति स्तूपों में से एक है।
3. नालंदा महाविहार के खंडहर प्राचीन शिक्षा के अद्वितीय केंद्र को दर्शाते हैं, जिसे गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम के संरक्षण में स्थापित किया गया था, और यहाँ बख्तियार खिलजी द्वारा आक्रमण के दौरान इसे भारी क्षति पहुंचाई गई थी।
4. वैशाली का अशोक स्तंभ (लौरिया नंदनगढ़) और ऐतिहासिक बुद्ध स्तूप इस बात के प्रमाण हैं कि यह क्षेत्र बौद्ध और जैन दोनों धर्मों के लिए अत्यंत पवित्र रहा है, क्योंकि महावीर स्वामी का जन्म भी इसी प्राचीन वैशाली गणराज्य के कुण्डग्राम में हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, प्लेट टेक्टोनिक्स तथा ज्वालामुखी एवं भूकम्प के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और विसારી (Divergent) प्लेट सीमाओं का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ विश्व के कुल सक्रिय ज्वालामुखियों का लगभग 75 प्रतिशत भाग पाया जाता है और अधिकांश गहरे भूकम्प दर्ज किए जाते हैं।
2. रिक्टर स्केल (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकम्प के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा (Energy Released) को मापता है, जबकि मार्केली स्केल (Mercalli Scale) भूकम्प की तीव्रता (Intensity) और उससे होने वाली दृश्य क्षति पर आधारित होता है।
3. सुनामी (Tsunami) तरंगें उथले समुद्र में प्रवेश करने पर अपनी गति कम कर लेती हैं, लेकिन घर्षण और ऊर्जा संपीडन के कारण उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे तटीय क्षेत्रों में भयंकर तबाही मचती है।
4. भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य प्रकृति की होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण कर सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ध्वनि तरंगों और तरंग गति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) यांत्रिक तरंगें होती हैं, जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं, और निर्वात में इनका संचरण संभव नहीं होता क्योंकि इन्हें गति करने के लिए प्रत्यास्थता और जड़त्व वाले भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है।
2. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल (Velocity of Sound) माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, तथा लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार गैसों में ध्वनि की चाल का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma P}{\rho}}$ होता है, जिसके कारण गैस का दाब बदलने पर ध्वनि की चाल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
3. जब कोई ध्वनि तरंग एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति (Frequency) और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) दोनों अपरिवर्तित रहती हैं, जबकि माध्यम के घनत्व परिवर्तन के कारण उसकी चाल और आयाम (Amplitude) बदल जाते हैं।
4. प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए श्रोता और परावर्तक सतह के बीच की न्यूनतम दूरी सामान्य वायुमंडलीय तापमान पर लगभग 16.6 मीटर (या 17 मीटर) होनी चाहिए, क्योंकि मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव $1/10$ सेकंड (0.1 सेकंड) तक रहता है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति (Inflation), मौद्रिक नीति और केन्द्र-राज्य वित्तीय संबंधों (Fiscal Federalism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित मौद्रिक नीति समिति (MPC) का मुख्य वैधानिक लक्ष्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-Combined) के आधार पर मुद्रास्फीति को 4% के लक्ष्य पर केंद्रित रखना है, जिसमें +/- 2% की सहिष्णुता सीमा (Tolerance Band) निर्धारित की गई है।
2. संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित वित्त आयोग (Finance Commission) केन्द्र और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों के वितरण की संस्तुति करता है, तथा राज्यों की राजकोषीय क्षमता और आवश्यकताओं में संतुलन स्थापित करने के लिए ऊर्ध्वाधर (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) हस्तांतरण के सिद्धांतों का निर्धारण करता है।
3. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के संशोधित प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह मध्यम अवधि में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक सीमित करे, जिसे हाल के वर्षों में वैश्विक आर्थिक झटकों के कारण और अधिक लचीला बनाया गया है।
4. जब सरकार अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अपने सार्वजनिक व्यय में भारी कटौती करती है और कराधान में वृद्धि करती है, तो इसे 'विस्तारवादी राजकोषीय नीति' (Expansionary Fiscal Policy) कहा जाता है, जो समग्र मांग को बढ़ाने में सहायक होती है।
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बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
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सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?
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