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BPSC TRE 4.0
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हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किस वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट-सेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (VL-SRSAM) प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया है, तथा इसके प्रमुख तकनीकी विनिर्देशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यह मिसाइल प्रणाली समुद्र में आने वाले कम ऊंचाई के तीव्र गति वाले मिसाइलों और विमानों जैसे हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
  2. 2. इस प्रणाली में 'थ्रस्ट वेक्टरिंग' (Thrust Vectoring) तकनीक का उपयोग किया जाता है जो लॉन्च के तुरंत बाद मिसाइल को अत्यधिक गतिशीलता प्रदान करती है।
  3. 3. यह मिसाइल पूरी तरह से ठोस ईंधन (Solid Propellant) पर आधारित है और इसकी मारक क्षमता लगभग 40 से 50 किलोमीटर तक है।
  4. 4. इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक नौसैनिक तोपखानों की जगह लेना है और यह किसी भी प्रकार के रडार ट्रैकिंग के बिना स्वतंत्र रूप से कार्य करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। VL-SRSAM (Vertical Launch Short Range Surface-to-Air Missile) प्रणाली को भारतीय नौसेना के जहाजों की रक्षा के लिए DRDO द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है, इसमें थ्रस्ट वेक्टरिंग तकनीक और ठोस ईंधन का प्रयोग होता है तथा इसकी मारक क्षमता लगभग 40-50 किमी है। कथन 4 असत्य है क्योंकि यह मिसाइल रडार और मार्गदर्शन प्रणालियों पर निर्भर करती है और यह तोपखानों का विकल्प नहीं बल्कि मिसाइल रक्षा कवच है। ऐसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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