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BPSC TRE 4.0
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ऊष्मा और ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के नियमों तथा तापमान के विभिन्न पैमानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सेल्सियस और फारेनहाइट पैमाने पर तापमान का मान केवल -40° पर ही आपस में समान होता है, क्योंकि इस बिंदु पर दोनों पैमानों के समीकरणों की गणना समान परिणाम देती है।
  2. 2. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही एक विशिष्ट रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि और निकाय द्वारा किए गए कार्य के योग के बराबर होती है (ΔQ = ΔU + W)।
  3. 3. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्यावस्था में होंगे।
  4. 4. किसी वस्तु से ऊष्मा का विकिरण (Thermal Radiation) द्वारा स्थानांतरण केवल तभी संभव है जब वह वस्तु किसी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) के संपर्क में हो, और निर्वात में विकिरण द्वारा ऊष्मा का संचरण असंभव होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि सेल्सियस ($C$) और फारेनहाइट ($F$) पैमानों के बीच संबंध $C/5 = (F - 32)/9$ होता है, जिसमें -40 डिग्री पर दोनों मान समान आते हैं। कथन 2 और 3 भी पूर्णतः सत्य हैं; ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण को दर्शाता है और शून्यवाँ नियम तापीय संतुलन व तापमान की अवधारणा देता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि ऊष्मा के विकिरण (Radiation) विधि द्वारा संचरण के लिए किसी भी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, यह निर्वात से होकर भी गुजर सकता है (जैसे सूर्य की ऊष्मा का पृथ्वी तक पहुँचना)। परीक्षा से जुड़े अधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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