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BPSC TRE 4.0
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अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक और आधुनिक संचार प्रणालियों (Modern Communication Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) पृथ्वी की सतह से लगभग 35,86 किलोमीटर की ऊँचाई पर पूर्व से पश्चिम की ओर पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में परिक्रमण करते हैं, जिससे इनका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है और ये पृथ्वी से देखने पर स्थिर प्रतीत होते हैं।
  2. 2. पी.एस.एल.वी. (PSLV - Polar Satellite Launch Vehicle) भारत का एक बहुमुखी चार-चरणों वाला प्रक्षेपण यान है, जिसमें ठोस और द्रव दोनों प्रकार के रॉकेट इंजनों का क्रमिक उपयोग किया जाता है, तथा इसका उपयोग मुख्य रूप से दूरसंवर्धन (Remote Sensing) और ध्रुवीय कक्षाओं में उपग्रह स्थापित करने के लिए किया जाता है।
  3. 3. जी.एस.एल.वी. (GSLV - Geosynchronous Satellite Launch Vehicle) के उन्नत संस्करण (GSLV Mk III / LVM3) में क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (Cryogenic Upper Stage - C25) का उपयोग किया जाता है, जो अत्यधिक कम तापमान पर तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन का उपयोग करके उच्च प्रणोद (Thrust) उत्पन्न करता है।
  4. 4. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'नाविक' (NavIC - Navigation with Indian Constellation) प्रणाली एक क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है, जो भारत और उसकी सीमा से लगभग 1,500 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति और समय की जानकारी प्रदान करने के लिए अंतरिक्ष में उपग्रहों के एक तारामंडल का उपयोग करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से लगभग 35,786 किमी की ऊँचाई पर पश्चिम से पूर्व की ओर (पृथ्वी के घूर्णन की दिशा में) परिक्रमण करते हैं, न कि पूर्व से पश्चिम की ओर। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। पी.एस.एल.वी. भारत का एक विश्वसनीय चार-चरणों वाला रॉкетаस्त्र है जो रिमोट सेंसिंग उपग्रहों के लिए प्रयुक्त होता है। जी.एस.एल.वी. (LVM3) भारी संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए स्वदेशी क्रायोजेनिक तकनीक (C25) का उपयोग करता है। 'नाविक' (IRNSS) भारत की अपनी क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है। इस तरह के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों और विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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