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BPSC TRE 4.0
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भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक नियोजन (Economic Planning), बजट निर्माण और राजकोषीय नीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने की अंतिम स्वीकृति राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) द्वारा दी जाती थी, जिसकी स्थापना वर्ष 1952 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में की गई थी और इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होते थे।
- 2. 'शून्य आधार बजट' (Zero-Base Budgeting - ZBB) की अवधारणा के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में नए बजट के खर्चों का मूल्यांकन पिछले वर्ष के बजट आवंटन को आधार बनाकर किया जाता है, जिसमें पुराने खर्चों को स्वतः स्वीकृत मान लिया जाता है।
- 3. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 का मुख्य उद्देश्य देश में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना है, जिसके तहत केंद्र सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के एक निश्चित लक्ष्य तक सीमित करने का प्रावधान किया गया है।
- 4. भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में किया गया है, जिसके अनुसार संसद की पूर्व अनुमति के बिना संचित निधि से कोई भी धन नहीं निकाला जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की स्थापना 6 अगस्त 1952 को पंचवर्षीय योजनाओं के अनुमोदन के लिए की गई थी। कथन 2 असत्य है क्योंकि 'शून्य आधार बजट' (Zero-Base Budgeting) में पिछले बजट के खर्चों को आधार नहीं बनाया जाता, बल्कि हर नए साल के बजट को बिल्कुल 'शून्य' से शुरू हुआ मानकर प्रत्येक खर्च के औचित्य को नए सिरे से परखा जाता है। कथन 3 सत्य है, FRBM अधिनियम 2003 वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए है। कथन 4 सत्य है, संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) संसद में प्रस्तुत किया जाता है और संचित निधि से व्यय के लिए विनियोग विधेयक पारित करना अनिवार्य है। अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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हाल ही में चर्चा में रहे 'बिहार इन्वेस्टर्स मीट' और राज्य के औद्योगिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार सरकार द्वारा राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति' (Bihar Industrial Investment Promotion Policy) के तहत खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल और आईटी क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
2. पटना में आयोजित हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान बिहार सरकार ने लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए एक नई नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) और स्टांप ड्यूटी में छूट प्रदान की जाएगी।
3. राज्य में मक्का और इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपनी 'इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति' के तहत देश भर में सबसे अधिक इथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की अनुमति दी है और कई प्लांट का संचालन भी शुरू हो चुका है।
4. बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित बरौनी रिफाइनरी के विस्तार और प्लास्टिक पार्क की स्थापना के साथ-साथ मुजफ्फरपुर के मेगा फूड पार्क को राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए केंद्र सरकार की पूर्ण वित्तीय सहायता से एक नया बंदरगाह टर्मिनल विकसित किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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दांडी यात्रा की शुरुआत कब हुई?
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खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केप्लर के ग्रहीय गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो यह दर्शाता है कि जब ग्रह सूर्य के निकट (उपसौर/Perihelion) होता है, तो उसकी चाल न्यूनतम होती है।
2. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान दो पिंडों के द्रव्यमान, उनके बीच की दूरी तथा उस माध्यम के प्रकृति पर निर्भर करता है जिसमें वे रखे गए हैं।
3. पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर या पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान कम हो जाता है, तथा पृथ्वी के केंद्र पर $g$ का मान शून्य हो जाता है।
4. पलायन वेग (Escape Velocity) का मान पिंड के द्रव्यमान और उसे प्रक्षेपित करने के कोण पर निर्भर करता है, जबकि पृथ्वी के लिए इसका औसत मान लगभग 11.2 किमी/सेकंड होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और हीनताजन्य रोगों (Deficiency Diseases) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्कर्वी' (Scurvy) रोग विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) की दीर्घकालिक कमी के कारण होता है, जिससे कोलेजन प्रोटीन के संश्लेषण में बाधा उत्पन्न होती है, मसूड़ों से खून आना और घावों का जल्दी न भरना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
2. 'बेरी-बेरी' (Beriberi) रोग विटामिन बी-1 (थायमीन) की कमी से होने वाला विकार है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और हृदय प्रणाली को प्रभावित करता है, तथा अत्यधिक पॉलिश किए गए चावल के सेवन से इसकी संभावना बढ़ जाती है।
3. 'रिकेट्स' (Rickets), जो बच्चों में होने वाला एक हड्डियों का रोग है, विटामिन डी (कैल्सीफेरोल) और कैल्शियम की कमी के कारण होता है, जिससे अस्थियाँ कमजोर और विकृत हो जाती हैं, जबकि वयस्कों में इसी स्थिति को 'ऑस्टियोमलेशिया' (Osteomalacia) कहा जाता है।
4. 'पेलाग्रा' (Pellagra) रोग विटामिन बी-2 (राइबोफ्लेविन) की कमी के कारण होता है, जिसे '3D रोग' (डर्मेटाइटिस, डायरिया और डिमेंशिया) के रूप में जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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