BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
7 views

भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, परंतु संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों तथा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है (जैसे कलकत्ता उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक फैला है)।
  2. 2. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके अनुच्छेद 233 के तहत की जाती है, जबकि न्यायिक सेवा के अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात की जाती है।
  3. 3. दिल्ली एकमात्र ऐसा संघ राज्य क्षेत्र (केंद्र शासित प्रदेश) है जिसके पास अपना स्वयं का उच्च न्यायालय है (जिसे वर्ष 1966 में स्थापित किया गया था), जबकि अन्य सभी केंद्र शासित प्रदेश देश के किसी न किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आते हैं।
  4. 4. संसद को यह अधिकार है कि वह संविधान के अनुच्छेद 241 के तहत किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा वहाँ से हटा सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होता है और 7वें संविधान संशोधन (1956) द्वारा संसद को यह अधिकार दिया गया कि वह दो या अधिक राज्यों या राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय बना सकती है। कथन 2 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 233 के तहत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि वर्तमान में दिल्ली के अलावा 'जम्मू और कश्मीर' तथा 'लद्दाख' केंद्र शासित प्रदेश का भी अपना संयुक्त उच्च न्यायालय है, और पुडुचेरी मद्रास उच्च न्यायालय के अधीन है। कथन 4 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 241 संसद को संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में उच्च न्यायालय स्थापित करने या उनका अधिकार क्षेत्र तय करने की पूर्ण शक्ति देता है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के दृष्टिकोण तथा भारत में प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के पदेन अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) दृष्टिकोण के स्थान पर 'सक्रिय, निवारक एवं जोखिम-सूचित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। 2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा बिहार राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण व आपदा रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में बाढ़ और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, तथा 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का एक निश्चित प्रतिशत अब आपदा के उपरांत राहत के साथ-साथ आपदा न्यूनीकरण (Mitigation) और क्षमता निर्माण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। 3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030) के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान, आजीविका की क्षति और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ निर्धारित की गई हैं। 4. बिहार सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में लागू की गई 'आपदा मित्र' और 'आपदा सखी' जैसी सामुदायिक प्रशिक्षण योजनाएँ पूरी तरह से प्रशासनिक अधिकारियों के लिए हैं, और इनमें स्थानीय ग्रामीण समुदाय या स्वयंसेवकों की कोई भागीदारी नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्तियों, उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, तथा 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति इस मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होगा। 2. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, के निर्वाचन में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) के निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, किंतु राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के सदस्य इसके निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते हैं। 3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75), जिसका अर्थ है कि मंत्रिपरिषद का कोई भी एक मंत्री लोकसभा द्वारा अपने विभाग से संबंधित नीतिगत मामलों पर पराजित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ सकता है। 4. यदि उपराष्ट्रपति का पद उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण रिक्त हो जाता है, तो इस रिक्ति को भरने के लिए संविधान में कोई निश्चित समय-सीमा (जैसे 6 महीने के भीतर) निर्धारित नहीं की गई है, किंतु नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 'यथाशीघ्र' कराया जाना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? जनवरी 2025 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 11वें अध्यक्ष कौन बने? एक अश्वशक्ति (HP) = ? भौगोलिक क्षेत्रों (औपचारिक और कार्यात्मक) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.