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BPSC TRE 4.0
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बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत एक स्थायी सदन है, जिसकी वर्तमान कुल सदस्य संख्या 75 है और इसके एक-तिहाई सदस्य स्थानीय निकायों के निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं।
- 2. 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' (Right to Public Services Act) के अंतर्गत नागरिकों को तय समय-सीमा के भीतर आवश्यक प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त करने की वैधानिक गारंटी दी गई है, और इस प्रकार का कानून बनाने वाला बिहार देश का पहला राज्य था।
- 3. राज्य के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव (Chief Secretary) मंत्रिमंडल सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है, और उसकी नियुक्ति सीधे केंद्रीय कैबिनेट सचिव द्वारा की जाती है।
- 4. पंचायती राज व्यवस्था के त्रिस्तरीय ढांचे के तहत बिहार सरकार ने वर्ष 2006 में पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर महिलाओं को पंचायतों के सभी स्तरों पर 50% (पचास प्रतिशत) आरक्षण प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार विधान परिषद एक स्थायी सदन है जिसकी कुल सदस्य संख्या 75 है, और इसके एक-तिहाई सदस्य स्थानीय निकायों द्वारा चुने जाते हैं। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (RTPS) 2011 लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य था। वर्ष 2006 में पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर महिलाओं को 50% आरक्षण देने वाला भी बिहार देश का पहला राज्य बना था। कथन 3 असत्य है क्योंकि मुख्य सचिव की नियुक्ति राज्य के मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर की जाती है, न कि केंद्रीय कैबिनेट सचिव द्वारा। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इस प्रकार के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रश्नों का अभ्यास करना অত্যন্ত आवश्यक है।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण एवं जलवायु रिपोर्टों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) का नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं, तथा यह निकाय आपदाओं के प्रति 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) दृष्टिकोण से हटकर 'सक्रिय एवं रोकथाम आधारित' (Proactive and Prevention-oriented) आपदा जोखिम न्यूनीकरण को प्राथमिकता देता है।
2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में चरम मौसमी घटनाओं में वृद्धि हुई है, और 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का उपयोग केंद्र सरकार के विशेष अनुमोदन के बिना आपदा न्यूनीकरण या दीर्घकालिक रोकथाम परियोजनाओं के लिए नहीं किया जा सकता।
3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030) के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए रणनीतिक योजनाएँ तैयार की गई हैं।
4. पर्यावरण रिपोर्टों में उल्लिखित 'पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता क्षेत्र' (Eco-Sensitive Zones - ESZs) की नीति के तहत संरक्षित क्षेत्रों के चारों ओर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से छूट दी जाती है, ताकि स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिल सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जीव जगत के वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आर.एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) द्वारा प्रतिपादित पाँच जगत वर्गीकरण (Five-Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों, एककोशिकीय जीवों और मुख्य रूप से बैक्टीरिया को 'मोनेरा जगत' के अंतर्गत रखा गया है, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) और झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों का पूर्ण अभाव होता है।
2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले अधिकांश बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति (Cell Wall) मुख्य रूप से पेप्टिडोग्लाइकान (Peptidoglycan) से बनी होती है, जबकि माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) इस जगत का एक ऐसा विशिष्ट जीव है जिसमें कोशिका भित्ति पूरी तरह अनुपस्थित होती है और इसे 'प्लाज्मा झिल्ली के जोकर' भी कहा जाता है।
3. सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria), जिन्हें 'नीले-हरे शैवाल' भी कहा जाता है, प्रकाशसंश्लेषी प्रोकैरियोट्स हैं जिनमें क्लोरोफिल-ए पाया जाता है, और इनमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण के लिए 'हैटरोसिस्ट' (Heterocyst) नामक विशेष कोशिकाएँ पाई जाती हैं, उदाहरण के लिए नॉस्टॉक और एनाबेना।
4. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अत्यंत विपरीत और प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे अत्यधिक लवणीय क्षेत्रों (हैलोफाइट्स), गर्म झरनों (थर्मोएसिडोफाइट्स) और मार्श क्षेत्रों (मेथैनोजेन) में जीवित रह सकते हैं, क्योंकि इनकी कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना सामान्य बैक्टीरिया से पूर्णतः भिन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 20वीं शताब्दी के दौरान हुए प्रमुख किसान आंदोलनों और उनके विशिष्ट संदर्भों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में दरभंगा राज की जातियों के शोषण और बकाश्त जमीन पर अवैध दखल के विरुद्ध 'दरभंगा किसान आंदोलन' चलाया गया था, जिसमें किसानों ने स्थानीय अधिकारियों के दमन के बावजूद अपनी रैयती और बकाश्त भूमि पर अधिकारों की मांग को मुखर किया था।
2. वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार के सारण, चंपारण, गया और पटना जैसे जिलों में किसानों ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध 'चौकीदार कर' (Chaukidari Tax) अदायगी का व्यापक बहिष्कार किया था, जिससे यह राष्ट्रीय आंदोलन ग्रामीण अंचल के किसान संघर्षों के साथ गहराई से जुड़ गया था।
3. राहुल सांकृत्यायन ने 1940 के दशक के उत्तरार्ध में छपरा (सारण) क्षेत्र के 'अमेठिया किसानों' के संघर्ष का नेतृत्व किया था, तथा उन्होंने अखिल भारतीय किसान सभा के मंच से अलग होकर किसानों की एक सशस्त्र वामपंथी शाखा 'किसान लाल सेना' के गठन में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1937 में बिहार में श्री कृष्ण सिंह के नेतृत्व में गठित पहली प्रांतीय कांग्रेस सरकार ने किसानों को राहत पहुँचाने के लिए 'बिहार टेनेंसी अमेंडमेंट एक्ट' (Bihar Tenancy Amendment Act) पारित किया, जिसके माध्यम से अवैध बेदखली पर रोक लगाई गई और बकाश्त भूमि पर किसानों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के भौगोलिक एवं खगोलीय संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवत वृत्त (Equator) से उत्तर या दक्षिण की ओर किसी भी बिंदु की कोणीय दूरी को अक्षांश कहा जाता है, तथा भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर पृथ्वी के चपटे आकार के कारण अक्षांश रेखाओं के बीच की भौतिक दूरी में थोड़ी वृद्धि हो जाती है, जिससे 0° से 90° की ओर बढ़ने पर प्रत्येक एक डिग्री अक्षांश की लंबाई लगातार बढ़ती जाती है।
2. देशान्तर रेखाएँ ध्रुवों को मिलाने वाली अर्ध-वृत्ताकार रेखाएँ होती हैं जो प्राइम मेरिडियन (ग्रीनविच रेखा) के पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं में 180° तक फैली होती हैं, और दो क्रमागत देशान्तर रेखाओं के बीच की अधिकतम दूरी भूमध्य रेखा पर लगभग 111.3 किमी होती है, जो ध्रुवों की ओर जाने पर शून्य हो जाती है।
3. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) पूरी तरह से 180° देशान्तर रेखा का अनुसरण करती है और प्रशांत महासागर से गुजरते समय स्थल खंडों को बचाने के लिए इसमें कोई विचलन नहीं किया गया है, ताकि वैश्विक स्तर पर समय का एकरूप निर्धारण किया जा सके।
4. पृथ्वी के अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करने के कारण, प्रत्येक 1° देशान्तर पार करने में स्थानीय समय में 4 मिनट का अंतर आता है, और ग्रीनविच रेखा से पूर्व की ओर जाने पर समय आगे (Ahead) रहता है जबकि पश्चिम की ओर जाने पर समय पीछे (Behind) रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक परतों की रासायनिक संरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से गलत हैं?
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