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BPSC TRE 4.0
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हमारे सौर मंडल और ब्रह्माण्ड की संरचना, ग्रहों की गति तथा खगोलीय पिंडों की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सौर मंडल के सभी ग्रहों में शुक्र (Venus) और यूरेनस (Uranus) को छोड़कर शेष सभी ग्रह अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करते हैं, जबकि शुक्र और यूरेनस पूर्व से पश्चिम की ओर उल्टी दिशा में घूर्णन करते हैं जिसके कारण वहाँ सूर्य पश्चिम में उगता है।
  2. 2. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इसी क्षेत्र में स्थित 'सेरेस' (Ceres) सौर मंडल का सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह है जिसे वर्तमान में बौना ग्रह (Dwarf Planet) का दर्जा प्राप्त है।
  3. 3. बृहस्पति का प्राकृतिक उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) संपूर्ण सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना स्वयं का मजबूत चुंबकीय क्षेत्र भी पाया जाता है।
  4. 4. सूर्य के वायुमंडल की सबसे बाहरी परत को 'कोरोना' (Corona) कहा जाता है, जो केवल पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान ही नग्न आँखों से दिखाई देती है, और इसी परत से निकलने वाले आवेशित कणों की धारा को 'सौर पवन' (Solar Wind) कहा जाता है जो पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों में 'अरोरा' (Aurora) का निर्माण करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सौर मंडल में शुक्र और यूरेनस का घूर्णन अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise) होता है। क्षुद्रग्रह पेल्ट मंगल और बृहस्पति के मध्य स्थित है और 'सेरेस' इसका सबसे बड़ा पिंड व बौना ग्रह है। गैनीमीड बृहस्पति का चंद्रमा है जो सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है। सूर्य की बाहरी परत कोरोना पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय दिखाई देती है और सौर पवनों के कारण पृथ्वी के ध्रुवों पर अरोरा बोरियालिस व अरोरा ऑस्ट्रालिस का निर्माण होता है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ब्रह्माण्ड एवं सौर मण्डल का यह टॉपिक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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