त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
6 views
अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संक्रमण धातुएँ और उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) प्रकृति के होते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके डी-कक्षक (d-orbitals) में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (Unpaired Electrons) की उपस्थिति है।
- 2. संक्रमण धातुएँ अपने डी-कक्षकों की रिक्तियों और परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाओं के कारण उत्कृष्ट उत्प्रेरक (Catalysts) के रूप में कार्य करती हैं, जैसे हेबर विधि में अमोनिया निर्माण के लिए प्रयुक्त आयरन (Fe)।
- 3. अंतराकाशी यौगिक (Interstitial Compounds) तब बनते हैं जब संक्रमण धातुओं के क्रिस्टल जालक में हाइड्रोजन, कार्बन या नाइट्रोजन जैसे छोटे अधातु परमाणु फँस जाते हैं, जिससे इन यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक मूल धातु की तुलना में काफी कम हो जाते हैं।
- 4. संक्रमण धातुओं द्वारा रंगीन आयनों का निर्माण मुख्य रूप से 'd-d संक्रमण' (d-d transition) के कारण होता है, जब अयुग्मित इलेक्ट्रॉन दृश्य प्रकाश क्षेत्र से ऊर्जा अवशोषित कर उच्च ऊर्जा स्तर पर स्थानांतरित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry) के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (d-ब्लॉक के तत्व) के गुण अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। संक्रमण धातुओं में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के कारण अनुचुंबकीय गुण होता है, वे परिवर्तनशील संयोजकता और बड़े पृष्ठीय क्षेत्रफल के कारण प्रभावी उत्प्रेरक (जैसे हेबर विधि में Fe) होते हैं, तथा d-d संक्रमण के कारण उनके यौगिक रंगीन होते हैं। हालांकि, कथन 3 असत्य है क्योंकि अंतराकाशी यौगिक बनने पर धातुओं के गलनांक और क्वथनांक मूल धातु की तुलना में कम नहीं बल्कि **अधिक** (उच्च) हो जाते हैं क्योंकि वे अधिक कठोर हो जाते हैं। ऐसे ही उच्च स्तरीय अभ्यास प्रश्नों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में राष्ट्रीय राजनीति को एक नई गति प्रदान करने वाले 'होमरोल लीग आंदोलन' तथा 'मुस्लिम लीग' की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास (अडार) में होमरोल लीग की स्थापना की थी, जबकि बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में बेलगाम में अपनी लीग की शुरुआत की थी, और इन दोनों लीगों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर संवैधानिक तरीकों से स्वशासन (Home Rule) प्राप्त करना था।
2. वर्ष 1916 के प्रसिद्ध लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए समझौते (लखनऊ पैक्ट) में मुहम्मद अली जिन्ना और बाल गंगाधर तिलक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके तहत कांग्रेस ने पहली बार मुसलमानों के लिए पृथक् निर्वाचन मंडल (Separate Electorates) की मांग को स्वीकार किया था।
3. मुस्लिम लीग की स्थापना 30 दिसंबर 1906 को ढाका में आगा खान, नवाब सलीमुल्लाह खान और मोहसिन-उल-मुल्क के नेतृत्व में हुई थी, और इसके संविधान का प्रारूप वर्ष 1907 में कराची में आयोजित अधिवेशन में तैयार किया गया था।
4. होमरोल लीग आंदोलन के दौरान एनी बेसेंट को जून 1917 में सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके विरोध में सर एस. सुब्रह्मण्य अय्यर ने अपनी 'नाइटहुड' (Knight Hood) की उपाधि का त्याग कर दिया था, और इसी आंदोलन से प्रेरित होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने पहली बार अखिल भारतीय स्तर पर सत्याग्रह का आह्वान किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन सा फसल रोग बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में गन्ने की खेती को प्रभावित नहीं करता है?
→
आरबीसी (RBC) का निर्माण कहाँ होता है?
→
दिल्ली को NCT (राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश) किस संवैधानिक संशोधन से बनाया गया?
→
बिहार के भूगर्भिक इतिहास और शैलतंत्र (Rock Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के दक्षिण-पश्चिमी भाग (विशेषकर कैमूर और रोहतास जिलों) में पाई जाने वाली चट्टानें 'विंध्यन क्रम' (Vindhyan System) की हैं, जो मुख्य रूप से परतदार बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शैले से निर्मित हैं और सीमेंट उद्योग का प्रमुख आधार हैं।
2. मुंगेर, जमुई, नवादा और गया के दक्षिणी हिस्सों में मिलने वाली प्राचीनतम चट्टानें 'आर्कियन क्रम' (Archaean System) या धारवाड़ क्रम से संबंधित हैं, जो ग्रेनाइट और नीस चट्टानों के रूप में रूपांतरित हो चुकी हैं।
3. बिहार का उत्तर और उत्तर-पश्चिमी मैदानी भाग मुख्य रूप से नवीनतम 'क्वाटर्नरी' (Quaternary) या जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से बना है, जिसका निर्माण हिमालय से आने वाली नदियों द्वारा लाई गई गाद के निरंतर जमा होने से हुआ है।
4. राजमहल की पहाड़ियों (झारखण्ड की सीमा से लगे क्षेत्र) में पाई जाने वाली बेसाल्टिक चट्टानें 'धारवाड़ क्रम' का हिस्सा हैं, जिनका निर्माण ज्वालामुखी के दरारी उद्गार से लावा के बहने और उसके शीतलन के कारण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.