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BPSC TRE 4.0
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बिहार के इतिहास, कला, साहित्य और समाज सुधार के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों तथा उन्हें प्राप्त प्रतिष्ठित पुरस्कारों व सम्मानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रसिद्ध समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी जननायक कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (2024) से सम्मानित किया गया है, तथा वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पिछड़ी जातियों के कल्याण और आरक्षण के क्षेत्र में दूरगामी सुधारों के लिए जाने जाते हैं।
- 2. पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर को लोक संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है, तथा उन्हें बिहार राज्य का आधिकारिक 'स्वीप' (SVEEP) आइकॉन भी नियुक्त किया गया है ताकि चुनावों में मतदाता जागरूकता बढ़ाई जा सके।
- 3. साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रसिद्ध नाटककार और कथाकार रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी रचना 'उर्वशी' के लिए वर्ष 1972 में प्रतिष्ठित 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' प्रदान किया गया था, और उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि से भी विभूषित किया गया था।
- 4. बिहार के प्रख्यात गणितज्ञ व शिक्षाविद् आनंद कुमार, जिन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए 'सुपर 30' (Super 30) संस्थान की स्थापना की है, को समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए वर्ष 2023 में 'पद्म श्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 3 असत्य है। रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी प्रसिद्ध काव्यकृति 'उर्वशी' के लिए वर्ष 1972 में 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' मिला था, जो बिल्कुल सही है, किंतु उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि उनके समग्र साहित्यिक योगदान के लिए दी गई थी। हालांकि, अन्य सभी तथ्य जैसे कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न (2024), मैथिली ठाकुर का SVEEP आइकॉन होना, और आनंद कुमार को पद्म श्री (2023) मिलना पूरी तरह सही है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए राज्य के प्रमुख व्यक्तित्व और पुरस्कारों से जुड़े ऐसे प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Related Questions
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रकाशित विभिन्न महत्वपूर्ण पुस्तकों, समाचार पत्रों और उनके लेखकों के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'अनहैप्पी इंडिया' (Unhappy India) — लाला लाजपत राय
2. 'द इंडियन स्ट्रगल' (The Indian Struggle) — सुभाष चंद्र बोस
3. 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' (Poverty and Un-British Rule in India) — दादाभाई नौरोजी
4. 'इंडिया डिवाइडेड' (India Divided) — मौलाना अबुल कलाम आजाद
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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चुम्बकत्व और चुम्बकीय पदार्थों (Magnetic Materials) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic Materials) वे पदार्थ होते हैं जो किसी बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत ही कमजोर रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के मजबूत हिस्से से कमजोर हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं (जैसे बिस्मथ, तांबा, जल और सोना)।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic Materials) बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हल्के से आकर्षित होते हैं और तापमान बढ़ने पर इनका चुम्बकीय गुण कम हो जाता है, जिसका पालन 'क्यूरी के नियम' (Curie's Law) द्वारा होता है (जैसे एल्युमिनियम, ऑक्सीजन और सोडियम)।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic Materials) बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में बहुत तीव्रता से आकर्षित होते हैं और एक निश्चित तापमान, जिसे 'क्यूरी तापमान' (Curie Temperature) कहा जाता है, से अधिक तापमान करने पर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं (जैसे लोहा, कोबाल्ट और निकल)।
4. पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र (Earth's Magnetic Field) मुख्य रूप से पृथ्वी के क्रोड में पिघली हुई अवस्था में मौजूद लोहे और निकल के संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण उत्पन्न होने वाले डायनेमो प्रभाव (Dynamo Effect) का परिणाम है, तथा इसके चुम्बकीय ध्रुव भौगोलिक ध्रुव के ठीक संपाती (Coincident) होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के प्राचीन इतिहास के संदर्भ में, 'चम्पा' (Champa) महाजनपद की राजधानी थी और इसका उल्लेख बौद्ध एवं जैन ग्रंथों में मिलता है। आधुनिक भूगोल के अनुसार, यह प्राचीन शहर वर्तमान बिहार के किस जिले की सीमा के समीप अवस्थित था?
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सिंधु घाटी के लोग थे :
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भारतीय संविधान के अंतर्गत महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद की संरचना (लोकसभा एवं राज्य सभा) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और उसके पास भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार होता है, साथ ही उसे संसद के दोनों सदनों की बैठकों में भाग लेने और बोलने का अधिकार भी प्राप्त है, किंतु उसे किसी भी मामले में मतदान करने का अधिकार नहीं होता है।
2. अनुच्छेद 81 के अनुसार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 निर्धारित की गई है, जिसमें से राज्यों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से अधिकतम 530 सदस्य और संघ राज्य क्षेत्रों से अधिकतम 20 सदस्य चुने जा सकते हैं, तथा राष्ट्रपति द्वारा आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के सदस्यों को मनोनीत करने का प्रावधान 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के द्वारा समाप्त कर दिया गया है।
3. राज्य सभा (संसद का उच्च सदन) एक स्थायी निकाय है और इसका विघटन नहीं होता है, इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा राज्य सभा में संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) का प्रतिनिधित्व केवल दिल्ली और पुडुचेरी से होता है, अन्य संघ राज्य क्षेत्रों को राज्य सभा में प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है।
4. महान्यायवादी को उसके पद से हटाने के लिए संविधान में महाभियोग जैसी किसी कठोर प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है, उसे राष्ट्रपति जब चाहे तब उसके पद से हटा सकते हैं, क्योंकि वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) पद धारण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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