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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्योत्तर काल' की राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था और यह महाजनपद वर्तमान बिहार के मुंगेर तथा भागलपुर जिलों के क्षेत्र में विस्तृत था।
  2. 2. सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले शीशे के सिक्के जारी किए थे, और उनकी राजकीय भाषा प्राकृत थी तथा उनकी प्रशासनिक व्यवस्था में मातृसत्तात्मक प्रभाव (जैसे माताओं के नाम पर राजाओं के नाम रखना) स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
  3. 3. कुषाण शासक कनिष्ठ के शासनकाल में गंधार कला और मथुरा कला दोनों का अत्यधिक विकास हुआ, किंतु गंधार कला पर ग्रीक-रोमन (हेलेनिस्टिक) शैली का स्पष्ट प्रभाव था, जबकि मथुरा कला पूरी तरह से स्वदेशी लाल बलुआ पत्थर पर आधारित थी।
  4. 4. गुप्तोत्तर काल में भूमि अनुदान की प्रथा (Agrahar grants) में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप कृषकों की स्थिति में सुधार हुआ और सामंती व्यवस्था (Feudalism) का पूर्ण रूप से पतन हो गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार, कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी और इसका विस्तार मुंगेर-भागलपुर क्षेत्र में था। सातवाहन वंश ने शीशे के सिक्के चलाए, प्राकृत भाषा को अपनाया और मातृसत्तात्मक परंपरा के संकेत दिए (यद्यपि वे राजवंशीय रूप से पितृसत्तात्मक थे)। कुषाण काल में गंधार कला पर ग्रीक-रोमन प्रभाव था और मथुरा कला स्वदेशी लाल बलुआ पत्थर पर आधारित थी। किंतु, कथन 4 असत्य है क्योंकि गुप्तोत्तर काल में भूमि अनुदान और सामंती प्रवृत्तियों में वृद्धि हुई थी, जिससे कृषकों की स्थिति खराब हुई और सामंतवाद का उदय व विस्तार हुआ। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली सल्तनत के दौरान 'दीवान-ए-आरिज' विभाग का मुख्य कार्य राज्य की सेना का संगठन करना, सैनिकों का हुलिया रखना तथा घोड़ों को दागने (दाग प्रथा) की व्यवस्था का निरीक्षण करना था, जिसकी स्थापना सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी। 2. मुगल काल में 'जब्ती प्रणाली' (या बन्दोबस्त व्यवस्था) राजा टोडरमल के वित्तीय सुधारों से संबंधित थी, जिसके अंतर्गत भूमि की पैमाइश, उसकी उर्वरता के आधार पर वर्गीकरण (जैसे पोलज, परती, चाचर और बंजर) तथा नकद रूप में राजस्व का निर्धारण किया जाता था। 3. शेरशाह सूरी द्वारा अपनी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लगान निर्धारण के लिए 'राय' (उत्पादन का एक-तिहाई भाग) प्रणाली को अपनाया गया था, तथा उसने तांबे के 'दाम' और चांदी के 'रुपये' का प्रचलन शुरू किया था, जो मुगल काल में भी सिक्का प्रणाली का आधार बने। 4. विजयनगर साम्राज्य में 'अनाय' (Ayan) और 'अदयै' कर प्रणालियाँ प्रचलित थीं, जिसमें 'अमरनायक प्रणाली' के अंतर्गत नायकों को सैन्य सेवा के बदले विशेष भू-क्षेत्र (अमरम) दिए जाते थे, और वे केंद्रीय दरबार को नियमित रूप से वार्षिक कर और सैन्य टुकड़ियाँ भेजते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में वर्णित है– बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बिहार सरकार द्वारा बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसके अंतर्गत स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण करने वाली प्रत्येक अविवाहित व विवाहित छात्रा को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से दी जाती है। 2. 'मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना' (जिसे बाद में बालकों के लिए भी विस्तारित किया गया) का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार करना और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को कम करना है। 3. 'सात निश्चय योजना-1' और 'सात निश्चय योजना-2' के तहत बिहार सरकार ने 'हर घर नल का जल', 'पक्की गलियां एवं नाली', और 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' जैसी कल्याणकारी पहलों को लागू किया है, जिसके अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण 4% साधारण ब्याज पर (तथा महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए 1%) उपलब्ध कराया जाता है। 4. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' का संचालन योजना एवं विकास विभाग द्वारा किया जाता है, जबकि 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' (MVPY) के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वृद्ध व्यक्तियों को (आयकर दाताओं को छोड़कर) प्रतिमाह ₹1,000 की पेंशन सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है जिसका संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? जीव जगत के जैविक वर्गीकरण और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के सूक्ष्मजीवकीय लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच-जगत वर्गीकरण प्रणाली (Five-Kingdom Classification System) में जीवों के वर्गीकरण का मुख्य आधार कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण की विधि, प्रजनन और जातिवृत्तीय (phylogenetic) संबंध है। 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव अनिवार्य रूप से बहुकोशिकी और यूकैरियोटिक (Eukaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग उपस्थित होते हैं, तथा इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोस की बनी होती है। 3. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अन्य सामान्य जीवाणुओं से भिन्न होते हैं क्योंकि इनकी कोशिका भित्ति और प्लाज्मा झिल्ली की रासायनिक संरचना अत्यधिक विशिष्ट होती है, जो इन्हें अति लवणीय क्षेत्रों (हैलोफिल्स), गर्म झरनों (थर्मोएसिडोफिल्स) और दलदली क्षेत्रों (मेथैनोजेन) जैसी चरम वातावरणीय परिस्थितियों में जीवित रहने में सक्षम बनाती है। 4. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल), जिन्हें मोनेरा जगत के अंतर्गत रखा गया है, में क्लोरोफिल-'ए' पाया जाता है, और इनमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) के लिए कुछ विशिष्ट और मोटी दीवार वाली कोशिकाएँ पाई जाती हैं जिन्हें 'हैटरोसिस्ट' (Heterocysts) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? ब्रह्माण्ड के विकास, तारकीय विकास (Stellar Evolution) तथा सौर मण्डल के विभिन्न खगोलीय पिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तारकीय विकास के दौरान जब कोई तारा अपनी मुख्य अनुक्रम (Main Sequence) अवस्था को पार कर लेता है और उसके केंद्र में हाइड्रोजन का संलयन समाप्त हो जाता है, तो उसका बाह्य आवरण विस्तृत होकर लाल रंग का हो जाता है, जिसे 'लाल दानव' (Red Giant) कहा जाता है। 2. सूर्य के द्रव्यमान से लगभग 1.4 गुना कम द्रव्यमान वाले तारे (चंद्रशेखर सीमा के भीतर) अपने जीवन के अंतिम चरण में बिना किसी सुपरनोवा विस्फोट के अपनी बाहरी परतों को अंतरिक्ष में त्याग देते हैं और उनका केंद्रीय सघन भाग 'श्वेत वामन' (White Dwarf) के रूप में ठंडा होने लगता है। 3. सौर मण्डल के सबसे बड़े ग्रह 'बृहस्पति' के अधिकांश प्राकृतिक उपग्रहों में से 'गैनीमीड' (Ganymede) न केवल सौर मण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है, बल्कि यह आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसकी अपनी आंतरिक चुंबकीयीय उपस्थिति दर्ज की गई है। 4. वरुण (Neptune) ग्रह के सबसे बड़े प्राकृतिक उपग्रह 'ट्राइटन' (Triton) की परिक्रमा की दिशा इसके अपने ग्रह के घूर्णन की दिशा के विपरीत (प्रतिगामी कक्षा - Retrograde Orbit) है, जो सौर मण्डल के अन्य बड़े उपग्रहों में एक अनूठी विशेषता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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