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BPSC TRE 4.0
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बिहार में 1974 के 'छात्र आंदोलन' और जयप्रकाश नारायण (जेपी) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मार्च 1974 में छात्रों द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन का तात्कालिक कारण बढ़ती महँगाई, बेरोजगारी, खाद्यान्न की भारी किल्लत और शैक्षणिक संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार था, जिसका नेतृत्व 'बिहार छात्र संघर्ष समिति' ने किया था।
  2. 2. जयप्रकाश नारायण ने इस आंदोलन का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए यह शर्त रखी थी कि आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक रहेगा और इसका दायरा केवल बिहार तक सीमित न रहकर 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के रूप में पूरे देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के लिए चलाया जाएगा।
  3. 3. जेपी आंदोलन के दबाव में ही केंद्र सरकार ने वर्ष 1975 में आपातकाल (Emergency) की घोषणा की थी, जिसके तुरंत बाद जयप्रकाश नारायण सहित देश के सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं को मीसा (MISA) और डीआईआर के तहत गिरफ्तार कर नजरबंद कर दिया गया था।
  4. 4. इस आंदोलन ने भारतीय राजनीति की दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया, जिससे न केवल कांग्रेस पार्टी को 1977 के लोकसभा चुनावों में पहली बार केंद्र में हार का सामना करना पड़ा, बल्कि जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ और नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव तथा सुशील कुमार मोदी जैसे दिग्गज नेता इसी आंदोलन की उपज के रूप में उभरे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1974 का छात्र आंदोलन और लोकनायक जयप्रकाश नारायण द्वारा चलाया गया 'संपूर्ण क्रांति' आंदोलन भारतीय राजनीतिक इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ था। इसकी शुरुआत मार्च 1974 में आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई थी, जिसे जेपी ने अहिंसक रूप से 'संपूर्ण क्रांति' का रूप दिया। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप भारतीय राजनीति में एक नए नेतृत्व का उदय हुआ और आपातकाल के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हुई। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे ऐतिहासिक और वैचारिक प्रश्नों का गहन अध्ययन करना आवश्यक है।
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