त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
8 views
चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया पद्धति' के अंतर्गत प्रत्येक बीघा भूमि के तीन-बीसवें (3/20वें) हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना कानूनी रूप से बाध्यकारी था।
- 2. महात्मा गांधी के चंपारण आगमन से पूर्व, राजकुमार शुक्ल ने दिसंबर 1916 में आयोजित लखनऊ अधिवेशन के दौरान गांधीजी से मिलकर चंपारण के किसानों की दयनीय स्थिति का विवरण दिया था और उन्हें बिहार आने का निमंत्रण दिया था।
- 3. सरकार द्वारा किसानों की शिकायतों की जाँच के लिए गठित 'चंपारण कृषि समिति' (Champaran Agrarian Committee) के अध्यक्ष एफ. जी. स्लाई (F. G. Sly) थे, और इस समिति में महात्मा गांधी को भी एक सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, जिसकी संस्तुति के आधार पर 'तीनकठिया प्रणाली' को अवैध घोषित कर समाप्त कर दिया गया।
- 4. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से उत्साहित होकर महात्मा गांधी ने वर्ष 1918 में खेड़ा सत्याग्रह का नेतृत्व किया, और इस पूरे आंदोलन के दौरान बिहार के जिन स्थानीय वकीलों और बुद्धजीवियों ने गांधीजी का पूर्ण सहयोग किया उनमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह और मजहरुल हक प्रमुख थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उपर्युक्त दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। चंपारण सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का पहला सविनय अवज्ञा आंदोलन था, जिसने बिहार को राष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर ला दिया। इस ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़ी विस्तृत तैयारी और महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं। यहाँ तीनकठिया प्रथा (जहाँ 3/20 भाग पर नील उगाना अनिवार्य था), राजकुमार शुक्ल की भूमिका, और चंपारण कृषि समिति की सिफारिशों का गहराई से विश्लेषण किया गया है।
Related Questions
→
बिहार के वन आवरण और मृदा प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की नवीनतम 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84 प्रतिशत हिस्सा वन आवरण के अंतर्गत आता है, जिसमें सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाला जिला कैमूर है।
2. बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग (विशेषकर पश्चिमी चंपारण के सोमेश्वर और दून की पहाड़ियों के क्षेत्र) में पर्णपाती प्रकार के वन पाए जाते हैं, जहाँ साल (सखुआ) के वृक्षों की प्रधानता है।
3. राज्य के दक्षिण-पश्चिमी और मैदानी भागों में पाई जाने वाली 'बलुई मिट्टी' (Sandy Soil) में नाइट्रोजन और ह्यूमस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह मृदा धान और जूट की कृषि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
4. गंगा के उत्तरी मैदान में पाई जाने वाली 'नवीन कछारी मृदा' या 'खदर' (Khadar) प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा लाई गई नई मिट्टी के जमाव से बनती है, जो अत्यधिक उपजाऊ होती है और इसमें चूने की मात्रा पर्याप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और उनकी राजधानियों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा
2. वज्जी - वैशाली
3. अश्मक - पोटली या पोतन
4. मदी - कुशीनगर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
इनमें से किसने 1857 में विद्रोहियों को धोखा दिया था?
→
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रमाणित ‘ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड’ जारी करने वाला भारत का पहला शहर कौन-सा बन गया है?
→
बिहार के किसान आंदोलनों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा किए जा रहे किसानों के आर्थिक शोषण और बेगार प्रथा के विरुद्ध संगठित संघर्ष करना था।
2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन के अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती चुने गए थे, जबकि इसके महासचिव एन.जी. रंगा को बनाया गया था।
3. वर्ष 1937-38 के दौरान दरभंगा राज के अंतर्गत 'बकाश्त भूमि' (ऐसी भूमि जिस पर किसानों का अधिकार समाप्त हो चुका था और वे बटाईदार के रूप में खेती करते थे) की वापसी को लेकर राहुल सांकृत्यायन के नेतृत्व में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया था।
4. चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के साथ-साथ राजकुमार शुक्ल ने यूरोपीय नीलहों द्वारा किसानों से जबरन 'तीनकठिया प्रणाली' के तहत खेती कराए जाने के विरुद्ध कानूनी और राजनीतिक संघर्ष की नींव रखी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.