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BPSC TRE 4.0
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की गतिकी और उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरीय जलधाराओं के निर्माण और दिशा निर्धारण में पृथ्वी का घूर्णन (कोरियोलिस बल), प्रचलित हवाएं, तापमान और लवणता में भिन्नता मुख्य रूप से उत्तरदायी होती हैं, जिसके कारण उत्तरी गोलार्ध में धाराएं अपनी दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर मुड़ जाती हैं।
  2. 2. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर की ओर बहती है और पश्चिमी यूरोप के तटों पर तापमान को अत्यधिक कम कर देती है, जिससे वहां सर्दी के मौसम में बंदरगाह जम जाते हैं।
  3. 3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और जब यह गर्म गल्फ स्ट्रीम से मिलती है, तो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास दुनिया के सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्रों (ग्रैंड बैंक) का निर्माण करती है।
  4. 4. हिन्द महासागर में मानसून के मौसम के प्रभाव के कारण महासागरीय जलधाराओं की दिशा में मौसमी परिवर्तन (Seasonal Reversal) देखा जाता है, जो ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन मानसून पवनों की दिशा के अनुसार बदलती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में जलधाराएं दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेप (Deflection) दर्शाती हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि 'गल्फ स्ट्रीम' एक **गर्म जलधारा** है जो पश्चिमी यूरोप के जलवायु को अपेक्षाकृत सुहावना और गर्म रखती है, जिससे वहां के बंदरगाह जमता नहीं हैं। कथन 3 सत्य है, लैब्राडोर ठंडी धारा और गल्फ स्ट्रीम गर्म धारा के मिलने से न्यूफाउंडलैंड के पास प्लवक (Plankton) का विकास होता है जो मछलियों का प्रमुख आहार है, जिससे ग्रैंड बैंक मत्स्य क्षेत्र बनता है। कथन 4 सत्य है, हिन्द महासागर में मानसूनी हवाओं के कारण धाराओं का प्रवाह ऋतुओं के अनुसार बदल जाता है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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