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BPSC TRE 4.0
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भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न संवैधानिक एवं संविधिक निकायों (Constitutional and Statutory Bodies) तथा उनके गठन और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत की जाती है, और उन्हें संसद के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने तथा कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उन्हें संसद में मतदान देने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
- 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को पदच्युत करने की प्रक्रिया और आधार वही होते हैं जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के होते हैं, तथा CAG अपनी सेवा पूरी करने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के नए कार्यालय या पद पर पुनः नियुक्त किए जा सकते हैं।
- 3. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक संविधिक निकाय (Statutory Body) है जिसका गठन 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' के तहत किया गया है, और इसके अध्यक्ष के रूप में केवल उच्चतम न्यायालय के ऐसे सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त किया जा सकता है जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया हो।
- 4. निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक बहु-सदस्यीय स्थायी निकाय है, जिसके मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए विशेष कानून के तहत कॉलेजियम प्रणाली द्वारा की जाती है, और इन सभी का वेतन तथा सेवा शर्तें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि भारत के महान्यायवादी (अनुच्छेद 76) को संसद के दोनों सदनों में बोलने का अधिकार है लेकिन मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 असत्य है क्योंकि CAG अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी पद पर दोबारा नियुक्त (Ineligible for further office) नहीं हो सकते। कथन 3 सत्य है, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक संविधिक निकाय है जिसके अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश हो सकते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती है (हालिया अधिनियम के तहत चयन समिति द्वारा)। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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कथन (A): दुनिया भर में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या बढ़ रही है। कारण (R): स्वास्थ्य देखभाल में सुधार ने शिशु मृत्यु दर को कम किया है।
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बिहार के प्रादेशिक सामान्य-ज्ञान और विभिन्न भौगोलिक तथा प्रशासनिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार का भारत में बारहवाँ स्थान है, जबकि कुल जनसंख्या के मामले में यह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है।
2. बिहार के उत्तर में नेपाल देश, दक्षिण में झारखंड, पूर्व में पश्चिम बंगाल और पश्चिम में उत्तर प्रदेश राज्य स्थित है, तथा राज्य की कुल सीमा नेपाल के साथ लगभग 727 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करती है।
3. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सर्वाधिक वर्षा होती है, और यहाँ की प्रमुख नदियाँ गंगा में मिलने से पहले उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं।
4. प्रशासनिक दृष्टि से बिहार में कुल प्रमंडलों (Divisions) की संख्या 9 और जिलों की संख्या 38 है, तथा सबसे नवीनतम जिला अरवल है जिसे जहानाबाद से अलग करके बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली भूगर्भिक हलचलों, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकारों और भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के उद्गम केंद्र को 'अतिकेंद्र' (Epicentre) कहा जाता है, जो ठीक धरातल के नीचे वह बिंदु होता है जहाँ से सबसे पहले भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती हैं, जबकि इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को 'फोकस' (Focus) कहा जाता है।
2. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, और ये किसी भी भूकंपीय अधिकेंद्र पर सबसे पहले पहुँचती हैं।
3. 'हवाइयन तुल्य' (Hawaiian type) ज्वालामुखी उद्गार अत्यधिक विस्फोटक होते हैं, जिनमें सिलिका की मात्रा बहुत अधिक और गाढ़ा लावा निकलता है, जो प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' में बहुतायत से पाए जाते हैं।
4. द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन कर सकती हैं और तरल क्रोड (Outer Core) से गुजरने के दौरान विलुप्त हो जाती हैं, जिससे 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास तथा लोक कल्याण के लिए संचालित शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बाल विवाह पर अंकुश लगाना और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।
2. राज्य के सरकारी विद्यालयों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने और बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN) के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने के लिए 'निपुण बिहार मिशन' (NIPUN Bihar Mission) का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जो केंद्र सरकार की 'निपुण भारत' पहल के अनुरूप है।
3. स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना' के तहत जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Defect) से ग्रसित बच्चों का राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क अत्याधुनिक चिकित्सा एवं शल्यचिकित्सा (Surgery) देश के चुनिंदा प्रतिष्ठित अस्पतालों में कराई जाती है।
4. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ी जातियों के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान और उनके आवासीय अध्ययन को सुगम बनाने के लिए राज्य में 'जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना' और 'मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना' का संचालन किया जा रहा है, किंतु इन योजनाओं के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि केवल उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों तक ही सीमित है और स्कूली स्तर के छात्रों पर लागू नहीं होती है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक नियोजन (Economic Planning) के विकास, पंचवर्षीय योजनाओं के प्रतिमानों और राष्ट्रीय आय के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में नियोजित विकास की अवधारणा को औपचारिक रूप से वर्ष 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में गठित 'राष्ट्रीय योजना समिति' (National Planning Committee) से बल मिला था, तथा वर्ष 1944 में उद्योगपतियों द्वारा प्रस्तुत 'बॉम्बे प्लान' में राज्य के न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ पूर्णतः मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था की वकालत की गई थी।
2. महालनोबिस मॉडल (दूसरी पंचवर्षीय योजना का आधार) भारी उद्योगों के तीव्र विकास और पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन पर केंद्रित था, जबकि पहली पंचवर्षीय योजना 'हेरोड-डोमर मॉडल' पर आधारित थी जिसका मुख्य जोर कृषि, सिंचाई और बिजली क्षेत्र के त्वरित विकास पर था।
3. भारत में सबसे पहले राष्ट्रीय आय का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित अनुमान वर्ष 1931-32 में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. वी.के.आर.वी. राव (V.K.R.V. Rao) द्वारा लगाया गया था, जबकि स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार ने वर्ष 1949 में पी.सी. महालनोबिस की अध्यक्षता में 'राष्ट्रीय आय समिति' का गठन किया था।
4. नीति आयोग (NITI Aayog), जो योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 से अस्तित्व में आया, एक संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और यह 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) के सिद्धांत पर कार्य करता है।
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