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BPSC TRE 4.0
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, जब ऊर्जा का एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरण होता है, तो प्रत्येक चरण में ऊर्जा का ह्रास होता है।
- 2. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत का नियम' (Lindeman's 10% Law) यह बताता है कि एक पोषण स्तर से अगले पोषण स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही संचित हो पाती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं के दौरान नष्ट हो जाती है।
- 3. गाद और मलबे पर आधारित खाद्य श्रृंखला (Detritus Food Chain - DFC) में प्राथमिक उपभोक्ता अपघटक (Decomposers) होते हैं, जो मृत कार्बनिक पदार्थों को अकार्बनिक खनिजों में बदलते हैं, और यह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की तुलना में स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में कम महत्वपूर्ण होती है।
- 4. नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) में 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) की प्रक्रिया के दौरान अमोनिया पहले नाइट्राइट में और फिर नाइट्रेट में परिवर्तित होती है, जिसे पौधों द्वारा मुख्य रूप से अवशोषित किया जाता है, और यह चक्र एक पूर्णतः गैसीय जैव-रासायनिक चक्र का उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि ऊष्मागतिकी के **द्वितीय नियम** के अनुसार ऊर्जा का ह्रास होता है, न कि प्रथम नियम के अनुसार (प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण से संबंधित है)। कथन 3 असत्य है क्योंकि मलबे पर आधारित खाद्य श्रृंखला (DFC) स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में जलीय तंत्र की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण होती है। कथन 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं; लिंडमैन का नियम ऊर्जा स्थानांतरण की 10% दक्षता बताता है और नाइट्रोजन चक्र एक गैसीय चक्र है। अपनी परीक्षा की तैयारी को और मजबूत करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाएँ।
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बिहार सरकार द्वारा राज्य के सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना तथा उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करना है।
2. 'सात निश्चय योजना-2' के अंतर्गत युवाओं के कौशल विकास के लिए 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4% साधारण ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि महिलाओं के लिए यह ब्याज दर केवल 1% होती है।
3. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु संचालित 'मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना' के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, तथा 'बिहार स्टूडेंट हेल्थ कार्ड' के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
4. अनुसूचित जाति, जनजाति और अत्यंत पिछड़ी जातियों के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना' और आवासीय विद्यालयों (जैसे कर्पूरी ठाकुर छात्रावास) के माध्यम से छात्रों को निःशुल्क पठन-सामग्री, आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक इकाई क्या है?
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नीलम (रूबी) का रासायनिक सूत्र है-
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सूची-I (नदी प्रणाली) को सूची-II (महाद्वीप) से सुमेलित कीजिए?
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के दृष्टिकोण तथा भारत में प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के पदेन अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) दृष्टिकोण के स्थान पर 'सक्रिय, निवारक एवं जोखिम-सूचित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।
2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा बिहार राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण व आपदा रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में बाढ़ और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, तथा 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का एक निश्चित प्रतिशत अब आपदा के उपरांत राहत के साथ-साथ आपदा न्यूनीकरण (Mitigation) और क्षमता निर्माण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030) के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान, आजीविका की क्षति और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ निर्धारित की गई हैं।
4. बिहार सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में लागू की गई 'आपदा मित्र' और 'आपदा सखी' जैसी सामुदायिक प्रशिक्षण योजनाएँ पूरी तरह से प्रशासनिक अधिकारियों के लिए हैं, और इनमें स्थानीय ग्रामीण समुदाय या स्वयंसेवकों की कोई भागीदारी नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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