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BPSC TRE 4.0
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प्रकाश के अपवर्तन (Refraction of Light) और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह सघन माध्यम में ही पूर्णतः परावर्तित हो जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
  2. 2. हीरे का चमकना, मृगशिरा (Mirage) का बनना और ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) का कार्य करना प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के प्रमुख व्यावहारिक उदाहरण हैं।
  3. 3. तारों कािमटिमाना और पानी से भरे बर्तन में डूबी हुई पेंसिल का टेढ़ा या ऊपर उठा हुआ दिखाई देना प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होता है।
  4. 4. अपवर्तन की घटना में प्रकाश की चाल और तरंगदैर्ध्य बदल जाती है, किंतु प्रकाश की आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक होता है, तो पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है (कथन 1)। हीरे की चमक, मृगचमरी और ऑप्टिकल फाइबर इसी सिद्धांत पर काम करते हैं (कथन 2)। अपवर्तन के दौरान आवृत्ति नहीं बदलती, केवल चाल और तरंगदैर्ध्य बदलते हैं (कथन 4)। किंतु कथन 3 असत्य है क्योंकि तारों का टिमटिमाना और पेंसिल का उठा हुआ दिखना वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) के कारण होता है, पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण नहीं। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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