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BPSC TRE 4.0
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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सुभाषचंद्र बोस द्वारा स्थापित 'आर्मी ऑफ़ फ्री इंडिया' (आज़ाद हिंद फौज) तथा 'अस्थায়ী आज़ाद हिंद सरकार' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सिंगापुर में कैप्टन मोहन सिंह द्वारा स्थापित भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का पुनर्गठन करते हुए जुलाई 1943 में सुभाषचंद्र बोस ने इसका सर्वोच्च नेतृत्व संभाला, तथा उन्होंने सिंगापुर में ही 'फॉरवर्ड ब्लॉक' की स्थापना की थी।
  2. 2. अक्टूबर 1943 में सुभाषचंद्र बोस ने सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार ('आर-हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद') की घोषणा की, जिसे जर्मनी, जापान और इटली सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों ने आधिकारिक मान्यता दी थी।
  3. 3. आज़ाद हिंद फौज की 'सुभाष रेजिमेंट', 'गांधी रेजिमेंट' और 'नेहरू रेजिमेंट' के अतिरिक्त महिलाओं की एक विशेष टुकड़ी का गठन किया गया था, जिसका नाम 'झांसी की रानी रेजिमेंट' रखा गया था और इसकी कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल के हाथों में थी।
  4. 4. जापानी सेना के सहयोग से आज़ाद हिंद फौज ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार कर लिया था, जिनका नाम बदलकर क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा गया था, और पोर्ट ब्लेयर में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) अर्थात 'केवल 2, 3 और 4' है। कथनों का विस्तृत विश्लेषण: 1. कथन 1 असत्य है क्योंकि 'फॉरवर्ड ब्लॉक' की स्थापना सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1939 में कांग्रेस छोड़ने के बाद की थी, न कि सिंगापुर में। सिंगापुर में उन्होंने केवल INA का पुनर्गठन किया था। 2. कथन 2 सत्य है। 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में 'आर-हुकूमत-ए-आज़ाद हिंद' (अस्थायी सरकार) की स्थापना की गई थी, जिसे धुरी राष्ट्रों (जर्मनी, जापान, इटली आदि) की मान्यता प्राप्त हुई थी। 3. कथन 3 सत्य है। महिलाओं की रेजिमेंट का नाम 'झांसी की रानी रेजिमेंट' था जिसकी प्रमुख डॉ. लक्ष्मी सहगल (कैप्टन लक्ष्मी) थीं। 4. कथन 4 सत्य है। जापान ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह आज़ाद हिंद सरकार को सौंपे थे, जिनका नाम 'शहीद' और 'स्वराज' रखा गया था। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत अध्ययन सामग्री और अभ्यास प्रश्नों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हजारीबाग में 30 जुलाई 1857 को रामगढ़ बटालियन के सैनिकों द्वारा विद्रोह किया गया था, जिसका नेतृत्व सूबेदार माधव सिंह ने किया था और उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का संचालन किया था। 2. पटना में 23 जुलाई 1857 को पीर अली खाँ नामक एक पुस्तक विक्रेता के नेतृत्व में हुए विद्रोह को ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर द्वारा क्रूरतापूर्वक दबा दिया गया था, और पीर अली को सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई थी। 3. बाबू कुंवर सिंह ने आरा पर कब्जा करने के बाद ब्रिटिश सेना के विरुद्ध दानापुर के विद्रोही सैनिकों के साथ मिलकर जुलाई 1857 में ही 'आरा की लड़ाई' (Battle of Arrah) लड़ी थी, जिसमें मेजर विन्सेंट आयर के नेतृत्व में आई ब्रिटिश सेना को कुंवर सिंह की सेना ने पूरी तरह पराजित कर दिया था और वे कभी आरा पर पुनः अधिकार नहीं कर पाए थे। 4. सिंहभूम (वर्तमान झारखंड, तब के बिहार का हिस्सा) क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व अर्जुन सिंह ने किया था, जिन्होंने पोरहाट के राजा के रूप में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध आदिवासियों को संगठित किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पूर्वोत्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला कटिहार मंडल किस रेलवे जोन के अंतर्गत आता है? लोकसभा का स्पीकर अपना इस्तीफा किसे देता है? मुजफ्फरपुर बम कांड कब हुआ था? उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान बिहार में हुए किसान आंदोलनों एवं सभाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1919-20 में मधुबनी और दरभंगा क्षेत्र में स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में किसानों ने 'रामायण' की चौपाइयों का पाठ कर जमींदारों के अवैध उत्पीड़न, बेगार प्रथा और गो-चर भूमि पर कब्ज़े के खिलाफ एक शक्तिशाली आंदोलन चलाया था। 2. वर्ष 1929 में स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा कृषकों पर किए जा रहे अन्यायों के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ना और बेदखली के अधिकारों का विरोध करना था। 3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन में स्वामी सहजानंद सरस्वती को इसका अध्यक्ष चुना गया था, जबकि एन.जी. रंगा को इसका महासचिव बनाया गया था। 4. बकाश्त भूमि (ऐसी भूमि जिसे जमींदारों ने किसानों द्वारा लगान न चुका पाने के कारण छीन लिया था लेकिन जो जोत-कोड़ के अधिकार के अंतर्गत किसानों के पास ही थी) की वापसी के लिए बिहार में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से प्रांतीय किसान सभा और कार्यानंद शर्मा ने किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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