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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों और उनके नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव तंत्रिका तंत्र में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) मस्तिष्क और मेरुदंड से मिलकर बना होता है, जहाँ प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का त्वरित समन्वय मुख्य रूप से मेरुदंड (Spinal Cord) द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
- 2. अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के अंतर्गत पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को 'मास्टर ग्रंथि' कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर की अधिकांश अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन स्राव को नियंत्रित करती है, और इसका नियंत्रण मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस भाग द्वारा होता है।
- 3. मानव कंकाल तंत्र में एक्सियल कंकाल (Axial Skeleton) के अंतर्गत कुल 80 हड्डियाँ होती हैं, जिसमें खोपड़ी, मेरुदंड, पसलियाँ और उरोस्थि (Sternum) शामिल होती हैं, जबकि उपांगीय कंकाल (Appendicular Skeleton) में हाथ-पैर और मेखलाएँ आती हैं।
- 4. मानव उत्सर्जन तंत्र में नेफ्रॉन (Nephron) वृक्क (Kidney) की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, जहाँ ग्लोमेरुलर निस्पंदन (Glomerular filtration) के दौरान ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और अधिकांश जल का सक्रिय पुनःअवशोषण केवल संग्राहक नलिका (Collecting Duct) में होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि ग्लोमेरुलर निस्पंदन के पश्चात ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और अधिकांश जल का पुनःअवशोषण नेफ्रॉन के 'समीपस्थ संवलित नलिका' (Proximal Convoluted Tubule - PCT) में होता है, न कि केवल संग्राहक नलिका में। ऐसे और अधिक अभ्यास प्रश्नों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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व्यक्तिगत सत्याग्रह के द्वितीय सत्याग्रही कौन थे?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी चंपारण आए थे, जहाँ 'तीनकथा पद्धति' के अंतर्गत यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों से उनकी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करने का अनुबंध कराया जाता था, जिसके विरुद्ध यह सत्याग्रह भारत में गांधीजी का पहला सफल सविनय प्रयोग बना।
2. चंपारण जाँच समिति (Champarana Agrarian Committee) के एक सदस्य के रूप में ब्रिटिश सरकार द्वारा महात्मा गांधी को भी इस आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया था, तथा इस समिति की संस्तुतियों के आधार पर 'चंपारण कृषि अधिनियम, 1917' पारित किया गया, जिसके तहत तीनकथा प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया और अवैध रूप से वसूले गए धन का एक हिस्सा किसानों को वापस लौटाया गया।
3. चंपारण सत्याग्रह की सफलता के दौरान महात्मा गांधी के साथ बराज किशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह, आचार्य कृपलानी और मधुलि जैसे स्थानीय प्रबुद्ध वकीलों और नेताओं ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया, जिससे बिहार में राष्ट्रीय राजनीति की एक मजबूत नींव पड़ी।
4. वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के आगमन के समय बिहार में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के वैकल्पिक संस्थानों के रूप में 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई, जिसके प्राचार्य के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कार्य किया, और इसी काल में सदाकत आश्रम से मजहरुल हक के संपादन में 'द मदरलैंड' अखबार निकाला गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व स्थापित विभिन्न राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संस्थाओं तथा उनके संस्थापकों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (Landholders' Society) - इसकी स्थापना वर्ष 1838 में द्वारकानाथ टैगोर द्वारा कलकत्ता में की गई थी, जिसे भारत की पहली राजनीतिक संस्था माना जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों और भू-स्वामियों के हितों की रक्षा करना था।
2. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (British Indian Association) - इसकी स्थापना वर्ष 1851 में राधाकांत देव और देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी, तथा इसने ब्रिटिश संसद को एक मांग-पत्र भेजकर सिविल सेवा परीक्षाओं में सुधार और विधान परिषदों में भारतीयों के प्रतिनिधित्व की मांग की थी।
3. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन (East India Association) - इसकी स्थापना वर्ष 1866 में लंदन में दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश जनता और संसद को भारत की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना तथा भारतीय हितों के पक्ष में जनमत तैयार करना था।
4. पूना सार्वजनिक सभा (Poona Sarvajanik Sabha) - इसकी स्थापना वर्ष 1870 में महादेव गोविंद रानडे, एस. के. बोलकर और चीплоकर द्वारा की गई थी, जिसने किसानों के अधिकारों और राहत कार्यों के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया था।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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बिहार के भूगर्भिक इतिहास और शैलतंत्र (Rock Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के दक्षिण-पश्चिमी भाग (विशेषकर कैमूर और रोहतास जिलों) में पाई जाने वाली चट्टानें 'विंध्यन क्रम' (Vindhyan System) की हैं, जो मुख्य रूप से परतदार बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शैले से निर्मित हैं और सीमेंट उद्योग का प्रमुख आधार हैं।
2. मुंगेर, जमुई, नवादा और गया के दक्षिणी हिस्सों में मिलने वाली प्राचीनतम चट्टानें 'आर्कियन क्रम' (Archaean System) या धारवाड़ क्रम से संबंधित हैं, जो ग्रेनाइट और नीस चट्टानों के रूप में रूपांतरित हो चुकी हैं।
3. बिहार का उत्तर और उत्तर-पश्चिमी मैदानी भाग मुख्य रूप से नवीनतम 'क्वाटर्नरी' (Quaternary) या जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से बना है, जिसका निर्माण हिमालय से आने वाली नदियों द्वारा लाई गई गाद के निरंतर जमा होने से हुआ है।
4. राजमहल की पहाड़ियों (झारखण्ड की सीमा से लगे क्षेत्र) में पाई जाने वाली बेसाल्टिक चट्टानें 'धारवाड़ क्रम' का हिस्सा हैं, जिनका निर्माण ज्वालामुखी के दरारी उद्गार से लावा के बहने और उसके शीतलन के कारण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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परमाणु भौतिकी और रेडियोधर्मिता (Radioactivity) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हेनरी बेकरेल द्वारा खोजी गई प्राकृतिक रेडियोधर्मिता वह प्रक्रिया है जिसमें भारी अस्थिर परमाणु नाभिक स्वतः ही अल्फा, बीटा और गामा किरणों का उत्सर्जन करके अधिक स्थायी नाभिक में रूपांतरित हो जाते हैं।
2. रेडियोएक्टिव क्षय का नियम (Law of Radioactive Decay) यह बताता है कि किसी दिए गए समय पर विघटन की दर उस समय उपस्थित सक्रिय नाभिकों की संख्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) के दौरान जब यूरेनियम-235 पर मंद गति के न्यूट्रॉनों की बमबारी की जाती है, तो अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है, और इस नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया का उपयोग परमाणु भट्टी (Nuclear Reactor) में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है।
4. सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) है, जिसमें अत्यधिक उच्च ताप और दाब पर हाइड्रोजन के हल्के नाभिक मिलकर हीलियम का भारी नाभिक बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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