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BPSC TRE 4.0
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बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण से संबंधित निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संदर्भ में कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बिहार सरकार द्वारा बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक (Graduation) की डिग्री प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।
- 2. 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' के अंतर्गत राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वृद्धजनों को (बिना किसी आय सीमा के) 500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है, बशर्ते वे किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ न ले रहे हों।
- 3. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत राज्य के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4% साधारण ब्याज दर पर प्रदान किया जाता है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% होती है।
- 4. 'सतत जीविकोपार्जन योजना' का संचालन बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति (जीविका) द्वारा किया जाता है, जिसके तहत अत्यंत गरीब परिवारों (विशेषकर शराबबंदी के बाद प्रभावित परिवारों) को सतत आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में दी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार सरकार द्वारा राज्य के सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रसार के लिए 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना', 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना', 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' और 'सतत जीविकोपार्जन योजना' जैसी कल्याणकारी योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं से संबंधित संपूर्ण और विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय राजव्यवस्था के विविध आयामों, संवैधानिक निकायों और विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत गठित 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा इसके किसी भी सदस्य को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पहले केवल राष्ट्रपति द्वारा प्रमाणित दुराचार या असमर्थता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की संस्तुति के पश्चात ही हटाया जा सकता है।
2. भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से व्यय होने वाले सभी धन का विवरण संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) में संसद के समक्ष रखा जाता है, और इस निधि से किया जाने वाला व्यय संसद के मतदान के अधीन होता है।
3. नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का पद ब्रिटिश संवैधानिक परंपरा पर आधारित है, किंतु भारतीय सीएजी ब्रिटेन के सीएजी से इस मायने में भिन्न है कि भारत में सीएजी को लोक निधि से धन निकालने का कोई अधिकार नहीं है, बल्कि वह केवल व्यय के पश्चात उसका लेखापरीक्षण (Audit) करता है।
4. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) की अध्यक्षता केवल लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित हो, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष इसकी अध्यक्षता करता है, किंतु दोनों के अनुपस्थित होने पर राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) इस संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव पाचन तंत्र में आमाशय (Stomach) की भित्ति से स्रावित होने वाला जठर रस (Gastric juice) मुख्य रूप से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिनोजेन और श्लेष्म (Mucus) का मिश्रण होता है, जहाँ पेप्सिनोजेन निष्क्रिय रूप में रहता है और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन का पाचन करता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, फेफड़ों की कार्यात्मक इकाइयाँ 'कुपिकाएँ' (Alveoli) होती हैं, जो अत्यधिक संवहनित (Highly vascularised) और पतली भित्ति वाली होती हैं, और यहीं पर विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है।
3. मानव परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, दाएँ निलये (Right Ventricle) से निकलने वाली पल्मोनरी धमनी (Pulmonary Artery) अशुद्ध (ऑक्सीजन-विहीन) रक्त को फेफड़ों में ले जाती है, जबकि पल्मोनरी शिरा (Pulmonary Vein) शुद्ध रक्त को बाएँ आलिंद (Left Atrium) में लाती है।
4. मानव तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो अनैच्छिक क्रियाओं की त्वरित प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने का सर्वोच्च केंद्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से आपेक्षिक घनत्व के लिए सही इकाई (मात्रक) चुनिए :
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ऊष्मा, तापमान और ऊष्मागतिकी के विभिन्न नियमों तथा प्रक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) 'तापमान' की अवधारणा को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal Equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. जब किसी द्रव को गर्म किया जाता है, तो उसका आभासी प्रसार गुणांक (Apparent Coefficient of Expansion) हमेशा उसके वास्तविक प्रसार गुणांक (Real Coefficient of Expansion) से अधिक होता है, क्योंकि इसमें बर्तन के प्रसार को भी शामिल किया जाता है।
3. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही एक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा (ΔQ) निकाय की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन (ΔU) और निकाय द्वारा किए गए कार्य (ΔW) के योग के बराबर होती है (ΔQ = ΔU + ΔW)।
4. पानी का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है, और जब 0°C के पानी को गर्म किया जाता है, तो 0°C से 4°C के तापमान के बीच वह सामान्य पदार्थों की तरह प्रसार करने के बजाय सिकुड़ता है, जिसे पानी का 'व्यतिक्रम प्रसार' (Anomalous Expansion) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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‘गुनेरी’ के अंतर्देशीय मैंग्रोव, जिन्हें हाल ही में जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया है, कहाँ स्थित हैं?
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