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BPSC TRE 4.0
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत सृजित एक स्थायी सदन है, जिसके कुल सदस्यों में से एक-तिहाई सदस्यों का निर्वाचन स्थानीय निकायों (Local Authorities) के निर्वाचन क्षेत्रों से होता है।
- 2. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा अनुच्छेद 165 के तहत की जाती है, और उन्हें राज्य के विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उन्हें किसी भी स्थिति में मतदान करने का अधिकार नहीं होता है।
- 3. बिहार विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और यह प्रस्ताव केवल व्यक्तिगत मंत्रियों के खिलाफ ही लाया जा सकता है, संपूर्ण मंत्रिपरिषद के विरुद्ध नहीं।
- 4. राज्य निर्वाचन आयोग, जो पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव कराता है, का गठन संविधान के अनुच्छेद 243-K के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है, और राज्य निर्वाचन आयुक्त को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अलावा अन्य तरीके से पद से नहीं हटाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। विधान परिषद के गठन एवं संरचना (अनुच्छेद 169 और 171) के अनुसार, कुल सदस्यों का 1/3 भाग स्थानीय निकायों द्वारा चुना जाता है। अनुच्छेद 165 के तहत महाधिवक्ता को विधानमंडल में बोलने का अधिकार है पर मतदान का नहीं। राज्य निर्वाचन आयुक्त की पदमुक्ति उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसी प्रक्रिया से होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव हमेशा संपूर्ण मंत्रिपरिषद के विरुद्ध लाया जाता है, न कि किसी एक व्यक्तिगत मंत्री के। इस प्रकार की उच्च-स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में हुए संघर्ष और इसके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दानापुर छांति के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सैनिकों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और वे आरा की ओर बढ़ गए थे, जहाँ उन्होंने बाबू कुंवर सिंह के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाया था।
2. बाबू कुंवर सिंह ने बिहार में विद्रोह का नेतृत्व करते हुए ब्रिटिश सेना के खिलाफ न केवल जगदीशपुर में कड़ा संघर्ष किया, बल्कि रीवा, आज़मगढ़ और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ब्रिटिश सेना को कई पराजयों का सामना कराया।
3. छोटानागपुर क्षेत्र में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले पालाकोट के जमींदार पांडे गणपत राय और ठाकुर विश्वनाथ सहदेव थे, जिन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध आदिवासियों और स्थानीय सैनिकों को एकजुट किया था।
4. पटना में 25 जून 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पीर अली खान नामक एक पुस्तक विक्रेता ने किया था, जिन्हें बाद में अंग्रेजों द्वारा सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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