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BPSC TRE 4.0
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के मूल सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'पारिस्थितिकीय निके' (Ecological Niche) की अवधारणा को सर्वप्रथम जोसेफ ग्रिनेल द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसके अनुसार यह किसी प्रजाति की भौतिक और जैविक परिस्थितियों में रहने तथा संसाधनों के उपयोग की विशिष्ट भूमिका को दर्शाता है।
  2. 2. किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में 'ऊर्जा का प्रवाह' (Energy Flow) हमेशा बहुदिशीय (Multidirectional) होता है, क्योंकि उत्पादक से प्राप्त ऊर्जा उपभोक्ताओं और अपघटको से होते हुए पुनः सूर्य की ओर वापस लौट जाती है।
  3. 3. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत नियम' (Lindeman's 10% Law) यह स्पष्ट करता है कि जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल लगभग 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों के शरीर में संचित हो पाता है, जबकि शेष ऊर्जा ऊष्मा के रूप में हास हो जाती है।
  4. 4. 'सहभोजिता' (Commensalism) एक ऐसी अंतःक्रिया है जिसमें दोनों जातियों को लाभ होता है, जैसे कि लाइकेन में शैवाल और कवक का सहजीवी संबंध।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के सटीक विश्लेषण के अनुसार, कथन 1 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। पारिस्थितिकीय निके की संकल्पना जोसेफ ग्रिनेल ने दी थी और लिंडमैन का 10% नियम ऊर्जा स्थानांतरण से जुड़ा है। पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है, न कि बहुदिशीय, इसलिए कथन 2 गलत है। लाइकेन में शैवाल और कवक का संबंध 'सहजीविता' (Mutualism) है, न कि सहभोजिता, अतः कथन 4 भी गलत है। ऐसी ही और अधिक उच्च-स्तरीय शिक्षण सामग्री के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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