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BPSC TRE 4.0
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों एवं वायसराय के कार्यकाल तथा उनके द्वारा लागू की गई नीतियों/सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लॉर्ड विलियम बेंटिक (Lord William Bentinck) के शासनकाल में 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके तहत बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया तथा देश में प्रशासनिक केंद्रीयकरण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम था।
- 2. लॉर्ड डलहौजी (Lord Dalhousie) द्वारा शुरू की गई 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सर्वप्रथम 1848 में सतारा को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया, जबकि इसी के कार्यकाल में 1856 में कुशासन के आधार पर अवध का अधिग्रहण किया गया।
- 3. लॉर्ड लिटन (Lord Lytton) के कार्यकाल में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट, 1878 (Vernacular Press Act) पारित किया गया, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाना था, और इसी अधिनियम से बचने के लिए 'अमृत बाजार पत्रिका' ने रातों-रात अंग्रेजी अखबार में रूपांतरित होने का निर्णय लिया था।
- 4. लॉर्ड रिपन (Lord Ripon) द्वारा 1882 में स्थानीय स्वशासन पर एक प्रसिद्ध प्रस्ताव लाया गया, जिसे 'भारत में स्थानीय स्वशासन का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, तथा इसी के कार्यकाल में हंटर आयोग (Hunter Commission) का गठन प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा सुधार के लिए किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1833 के चार्टर अधिनियम के तहत भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल का पद संभाला। लॉर्ड डलहौजी ने व्यपगत सिद्धांत के तहत सतारा (1848), जैतपुर और संबलपुर (1849), बघाट (1850), उदयपुर (1852), झाँसी (1853), नागपुर (1854) और अवध को 1856 में कुशासन के आधार पर मिलाया। लॉर्ड लिटन के काल में 1878 का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट आया। लॉर्ड रिपन ने 1882 में स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की और शिक्षा के लिए हंटर आयोग बनाया। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की संकल्पना और इसके निर्धारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा का प्रतिपादन सर्वप्रथम ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था, जिसका उद्देश्य संरक्षण प्राथमिकताओं के लिए विश्व के अत्यधिक संवेदनशीलता वाले क्षेत्रों की पहचान करना था।
2. किसी क्षेत्र को 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए दो मुख्य मानदंडों का होना अनिवार्य है: पहला, उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए; और दूसरा, उस क्षेत्र ने अपनी मूल वानस्पतिक आवास का कम से कम 70% या उससे अधिक भाग खो दिया हो (अर्थात वह गंभीर रूप से संकटग्रस्त हो)।
3. वर्तमान समय में विश्व स्तर पर कुल 36 जैव विविधता हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से भारत के भीतर पूरी तरह से स्थित एकमात्र हॉटस्पॉट 'पश्चिमी घाट' (Western Ghats) है, जबकि हिमालयी क्षेत्र भारत के बाहर नेपाल और भूटान तक ही सीमित है।
4. भारत में स्थित 'इंडो-बर्मा' हॉटस्पॉट, 'पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका' हॉटस्पॉट, 'हिमालय' हॉटस्पॉट तथा 'सुंडालैंड' (जिसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हिस्सा शामिल है) कुल चार ऐसे मान्यता प्राप्त हॉटस्पॉट हैं जो आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से भारतीय भूभाग के अंतर्गत आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संरक्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थिति तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदशकीय (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर तक पहुंच पाता है, जबकि शेष ऊर्जा का अधिकांश भाग श्वसन और चयापचय क्रियाओं के दौरान ऊष्मा के रूप में हास हो जाता है।
2. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि वहाँ कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियाँ होनी चाहिए तथा उस क्षेत्र ने अपनी मूल प्राथमिक वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70 प्रतिशत भाग खो दिया हो।
3. कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) की अवधारणा क्योटो प्रोटोकॉल (Kyoto Protocol) के अंतर्गत उत्पन्न हुई थी, जिसके तहत एक टन कार्बन डाइऑक्साइड या उसके समतुल्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने या हटाने कोफ प्रमाणित किया जाता है, और यह बाजार-आधारित तंत्र विकासशील देशों को स्वच्छ तकनीकों अपनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
4. भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) के अंतर्गत कुल छह अनुसूचियाँ (Schedules) हैं, जिनमें अनुसूची I और II के अंतर्गत आने वाले वन्यजीवों को शिकार से पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाता है, तथा इस अधिनियम के तहत ही वर्ष 1973 में देश में 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आधुनिक भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन के दौरान हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के क्रम में लाहौर में लाला लाजपत राय पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके प्रतिशोध में क्रांतिकारियों ने सॉण्डर्स की हत्या की योजना बनाई थी।
2. वर्ष 1929 के ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया था, तथा 26 जनवरी 1930 को देश भर में पहला स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
3. मार्च 1931 में संपन्न हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत सरकार द्वारा उन सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करने पर सहमति व्यक्त की गई थी जिन पर हिंसा का प्रत्यक्ष आरोप था, तथा भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी की सजा को माफ कर दिया गया था।
4. वर्ष 1932 में लंदन में आयोजित 'तृतीय गोलमेज सम्मेलन' में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जहाँ उन्होंने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग का जोरदार समर्थन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भूगर्भिक इतिहास एवं शैलतंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिमी बिहार (कैमूर और रोहतास जिले) में पाई जाने वाली विंध्यन शैल समूह की चट्टानें मुख्य रूप से बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल से बनी हैं, जो सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
2. धारवाड़ शैल समूह की चट्टानें बिहार के दक्षिण-पूर्वी हिस्से (मुंगेर, जमुई और नवादा) में पाई जाती हैं, जो अत्यंत प्राचीन रूपांतरित चट्टानें हैं और इनमें खनिज भंडारों की प्रचुरता पाई जाती है।
3. राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में हिमालयन उत्थान के परिणामस्वरुप टर्शरी (तृतीयक) कल्प की चट्टानें विशेषकर सोमेश्वर श्रेणी के क्षेत्र में विस्तृत हैं।
4. क्वाटरनरी (चतुर्थ कल्प) युग की जलोढ़ निक्षेप वाली चट्टानों का विस्तार गंगा के विशाल मैदानी भाग में पाया जाता है, जिनकी मोटाई दक्षिण से उत्तर की ओर जाने पर निरंतर घटती जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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विश्व की प्रमुख जलसंधियों (Straits) और महासागरीय गर्तों (Oceanic Trenches) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है तथा यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) के बीच स्थित है, जो सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से विश्व की व्यस्ततम जलसंधियों में से एक है।
2. प्रशांत महासागर में स्थित 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench) विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त है, जिसका सबसे गहरा बिंदु 'चैलेंजर डीप' (Challenger Deep) कहलाता है।
3. 'डेविस जलसंधि' (Davis Strait) बैफिन खाड़ी और अटलांटिक महासागर को जोड़ती है तथा यह ग्रीनलैंड और बैफिन द्वीप (कनाडा) के बीच स्थित है, जिसे विश्व की सबसे चौड़ी जलसंधि माना जाता है।
4. अटलांटिक महासागर में स्थित 'सुंडा गर्त' (Sunda Trench) इस महासागर का सबसे गहरा गर्त है, जो प्यूर्टो रिको गर्त के उत्तर में स्थित है और जावा द्वीप के दक्षिण में फैला हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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