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BPSC TRE 4.0
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भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों (SI Units) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) — कैंडेला (cd)
- 2. ठोस कोण (Solid Angle) — रेडियन (rad)
- 3. चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) — वेबर (Wb)
- 4.
प्रेरकत्व (Inductance) — हेनरी (H) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भौतिक विज्ञान में विभिन्न भौतिक राशियों को मापने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रणाली (SI) का उपयोग किया जाता है। यहाँ दिए गए युग्मों का विश्लेषण इस प्रकार है:
1. **ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity)** का SI मात्रक **कैंडेला (cd)** है, जो कि सात मूल (Fundamental) SI इकाइयों में से एक है। (यह युग्म सही है)
2. **ठोस कोण (Solid Angle)** का SI मात्रक **स्टेरडियन (steradian / sr)** होता है, जबकि 'रेडियन (rad)' समतल कोण (Plane Angle) का पूरक मात्रक है। अतः दूसरा युग्म गलत है।
3. **चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux)** का SI मात्रक **वेबर (Wb)** (या वोल्ट-सेकंड) होता है। (यह युग्म सही है)
4. **प्रेरकत्व (Inductance)** का SI मात्रक **हेनरी (H)** (या वेबर प्रति ऐम्पियर) होता है। (यह युग्म सही है)
अतः युग्म 1, 3 और 4 सही सुमेलित हैं, जबकि युग्म 2 असत्य है। इस प्रकार की उच्च स्तरीय विज्ञान की तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
1. **ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity)** का SI मात्रक **कैंडेला (cd)** है, जो कि सात मूल (Fundamental) SI इकाइयों में से एक है। (यह युग्म सही है)
2. **ठोस कोण (Solid Angle)** का SI मात्रक **स्टेरडियन (steradian / sr)** होता है, जबकि 'रेडियन (rad)' समतल कोण (Plane Angle) का पूरक मात्रक है। अतः दूसरा युग्म गलत है।
3. **चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux)** का SI मात्रक **वेबर (Wb)** (या वोल्ट-सेकंड) होता है। (यह युग्म सही है)
4. **प्रेरकत्व (Inductance)** का SI मात्रक **हेनरी (H)** (या वेबर प्रति ऐम्पियर) होता है। (यह युग्म सही है)
अतः युग्म 1, 3 और 4 सही सुमेलित हैं, जबकि युग्म 2 असत्य है। इस प्रकार की उच्च स्तरीय विज्ञान की तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
Related Questions
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असहयोग आंदोलन (1920-22) और उसके स्थगन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव की पुष्टि की गई तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन कर 'शांतिपूर्ण और वैध साधनों' द्वारा 'स्वराज्य' प्राप्ति के लक्ष्य को स्वीकार किया गया।
2. आंदोलन के दौरान बिहार में स्वामी विद्यानंद ने किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया, जबकि चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने न्यायालयों का बहिष्कार करते हुए अपनी वकालत छोड़ दी थी।
3. 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी-चोरा नामक स्थान पर हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदौली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा कर दी थी।
4. आंदोलन के स्थगन के निर्णय से क्षुब्ध होकर चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर वर्ष 1923 में 'स्वराज पार्टी' की स्थापना की, जिसके प्रथम अध्यक्ष चित्तरंजन दास और प्रथम सचिव मोतीलाल नेहरू बने थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के साथ-साथ 97वें संविधान संशोधन (सहकारी समितियां) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के अनुच्छेद 243-G के तहत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों पर कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
2. 74वें संविधान संशोधन के तहत बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए कुल 18 कार्यात्मक विषयों को शामिल किया गया है, तथा प्रत्येक राज्य में महानगरीय क्षेत्रों के लिए 'महानगरीय योजना समिति' (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243-ZE के अंतर्गत किया गया है।
3. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा संविधान के भाग IX-B के अनुच्छेद 243-ZH के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि किसी भी सहकारी समिति के निदेशक बोर्ड में अधिकतम सदस्यों की संख्या 25 से अधिक नहीं होगी, जबकि बोर्ड में एक महिला और एक अनुसूचित जाति/जनजाति का प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
4. संविधान के अनुच्छेद 243-I के अनुसार प्रत्येक राज्य का राज्यपाल हर पांच वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का गठन करेगा, जिसकी संस्तुतियां केंद्र सरकार के वित्त आयोग को भेजी जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) के प्रशासनिक तथा न्यायिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए अथवा किसी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है (जैसे कलकत्ता उच्च न्यायालय का अधिकारक्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक विस्तारित है)।
2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायमूर्ति और संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श से की जाती है, किंतु उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंपते हैं और इन्हें हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के समान ही संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर होती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश से नीचे के न्यायिक सेवा के अन्य अधिकारियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय और राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से नियम बनाकर की जाती है।
4. संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239 के अंतर्गत राष्ट्रपति प्रत्येक संघ राज्य क्षेत्र का प्रशासन अपने द्वारा नियुक्त 'प्रशासक' (Administrator/Lieutenant Governor) के माध्यम से चलाता है, और संसद को यह अधिकार है कि वह विधि द्वारा किसी भी संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च न्यायालय का गठन कर सकती है या उसे किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकारक्षेत्र के अधीन कर सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पटना उच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई थी?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनकी शारीरिक तथा भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) के प्रवास कटिबंध सिद्धांत (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव प्रजातियों का उद्गम एशिया महाद्वीप के मध्य भाग में हुआ था, और जो प्रजातियाँ सबसे पहले विकसित हुईं (जैसे नेग्रिटो), वे प्रवास के दौरान सबसे दूरवर्ती क्षेत्रों (जैसे महाद्वीपों के सीमांतों या द्वीपों) तक धकेल दी गईं।
2. 'नॉर्डिक' (Nordic) प्रजाति के लोग मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी यूरोप में पाए जाते हैं, जिनकी शारीरिक विशेषताओं में लंबा सिर (Dolichocephalic), नीली आँखें, गोरा रंग और ऊँचा कद शामिल है, और इन्हें तकनीकी रूप से एक प्रमुख ल्यूकोडर्मा (Leucoderm) समूह माना जाता है।
3. मंगोलियाई (Mongoloid) प्रजाति के लोगों में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) आँखें, चपटा चेहरा, सीधी एवं काले रंग की बाल संरचना पाई जाती है, और इनका विस्तार मुख्य रूप से एशिया के पूर्वी और मध्य भागों तक सीमित है, तथा ये अमेरिका के मूल निवासियों (Red Indians) में नहीं पाए जाते हैं।
4. ऑस्ट्रलॉइड (Australoid) प्रजाति की प्रमुख शारीरिक विशेषताओं में घुंघराले बाल, चौड़ी नाक (Platyrrhine), गहरा त्वचा का रंग और मध्यम से छोटा कद शामिल है, जो कि ऑस्ट्रेलिया के मूल आदिवासियों के साथ-साथ भारत की कुछ जनजातियों (जैसे मुंडा और चेंचू) में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिलती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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