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BPSC TRE 4.0
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अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' तथा वर्ष 1946-47 के दौरान भारत की स्वतंत्रता एवं देश के विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो आंदोलन' का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तुरंत बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन जीरो ऑवर' के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था, तथा इस आंदोलन के दौरान बिहार के जूलियन और पूर्वी क्षेत्रों के साथ-साथ सतारा, तामलुक और बलिया में समानांतर सरकारों की स्थापना हुई थी।
  2. 2. ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने 20 फरवरी 1947 को ब्रिटिश संसद में घोषणा की थी कि अंग्रेज सरकार 30 जून 1948 से पहले भारत को पूर्ण उत्तरदायी सत्ता हस्तांतरित कर देगी, और इसी उद्देश्य से भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल के रूप में लॉर्ड माउंटबेटन को भेजा गया था।
  3. 3. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के तहत भारत के विभाजन और पाकिस्तान के सृजन की रूपरेखा तैयार की गई, जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, मुस्लिम लीग और सिख समुदाय तीनों ने बिना किसी विरोध और पूर्ण सहमति के तुरंत स्वीकार कर लिया था।
  4. 4. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 को ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित किया गया, जिसके फलस्वरूप 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन अस्तित्व में आए, तथा पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग का गठन किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। 'ऑपरेशन जीरो ऑवर' के तहत नेताओं की गिरफ्तारी हुई और बलिया (चित्तू पाण्डु), तामलुक (जातीय सरकार) तथा सतारा (प्रति सरकार) में समानांतर सरकारें बनीं। क्लेमेंट एटली ने 20 फरवरी 1947 को 30 जून 1948 तक सत्ता हस्तांतरण की घोषणा की थी। माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) को कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने स्वीकार किया था, किंतु सिख समुदाय और कुछ अन्य पक्षों की अपनी आपत्तियाँ थीं, और इसे पूर्णतः 'बिना किसी विरोध' के स्वीकार किया गया कहना गलत होगा, हालांकि अंततः अधिनियम पारित हुआ। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम जुलाई 1947 में पारित हुआ और रेडक्लिफ आयोग द्वारा सीमा निर्धारण किया गया। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इस प्रकार के ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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