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BPSC TRE 4.0
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वर्ष 1946 में गठित 'अंतरिम सरकार' (Interim Government) और इसके प्रशासनिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कैबिनेट मिशन योजना के तहत 2 सितंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, जिसमें मुस्लिम लीग ने प्रारंभ से ही सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था और वह अक्टूबर 1946 तक इसमें शामिल नहीं हुई।
- 2. अंतरिम सरकार के कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष (Vice-President) वायसरॉय होते थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू को इस परिषद का अध्यक्ष (President) बनाया गया था।
- 3. जब अक्टूबर 1946 में मुस्लिम लीग अंतरिम सरकार में शामिल हुई, तो लियाकत अली खान को एक महत्वपूर्ण पद के रूप में 'वित्त विभाग' (Finance Department) का कार्यभार सौंपा गया था।
- 4. अंतरिम सरकार के अंतर्गत शिक्षा मंत्री का पद सी. राजगोपालाचारी के पास था, जबकि रक्षा विभाग का प्रभार सरदार वल्लभभाई पटेल के पास था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत 2 सितंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, और मुस्लिम लीग ने शुरुआत में इसका बहिष्कार किया था (वह अक्टूबर 1946 में इसमें शामिल हुई)। कथन 2 असत्य है क्योंकि अंतरिम सरकार की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष (President) ब्रिटिश वायसरॉय (लॉर्ड वेवेल) थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू इस परिषद के उपाध्यक्ष (Vice-President) थे। कथन 3 सत्य है, जब अक्टूबर 1946 में मुस्लिम लीग अंतरिम सरकार में शामिल हुई, तो लियाकत अली खान को वित्त विभाग (Finance Department) का प्रभार मिला, जिसके माध्यम से उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले अन्य विभागों के बजट को नियंत्रित करने का प्रयास किया था। कथन 4 असत्य है क्योंकि सी. राजगोपालाचारी के पास शिक्षा मंत्री का पद था, किंतु रक्षा विभाग का प्रभार सरदार बलदेव सिंह के पास था, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल गृह, सूचना एवं प्रसारण विभाग संभाल रहे थे। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भौतिकी के विविध अनुप्रयोगों एवं सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रमन प्रभाव (Raman Effect) के अनुसार, जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम ( ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो उसका अधिकांश भाग उसी आवृत्ति का रहता है, परंतु अल्प मात्रा में प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति आपतित प्रकाश की आवृत्ति से भिन्न होती है, जिसे स्टोक्स और एंटी-स्टोक्स रेखाएँ कहा जाता है।
2. 'सुपरकंडक्टिविटी' (अतिचालकता) की स्थिति में किसी पदार्थ का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वह अपने भीतर से चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को बाहर धकेल देता है, जिसे 'मेइसनर प्रभाव' (Meissner Effect) कहा जाता है।
3. 'सीबेक प्रभाव' (Seebeck Effect) इस तथ्य पर आधारित है कि जब दो अलग-अलग धातुओं के तारों को जोड़कर दो जंक्शन बनाए जाते हैं और उनके तापमान में अंतर रखा जाता है, तो परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है, जो ताप विद्युत युग्म (Thermocouple) का मूल सिद्धांत है।
4. 'क्रायोजेनिक्स' (Cryogenics) विज्ञान की वह शाखा है जो अत्यधिक उच्च तापमान (1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक) पर होने वाले भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन करती है, विशेष रूप से रॉकेट इंजनों के ऊष्मा प्रबंधन के संदर्भ में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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इलेक्ट्रिक फ्यूज किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
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प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में राजनीतिक गतिविधियों और राष्ट्रवादी आंदोलनों के संदर्भ में, 'होमरोल लीग आंदोलन' तथा 'मुस्लिम लीग' की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1916 में एनी बेनी और बाल गंगाधर तिलक द्वारा स्थापित होमरोल लीगों ने कांग्रेस के भीतर और बाहर सुराज की मांग को एक जन आंदोलन का रूप दिया, जिसमें तिलक की लीग का प्रभाव महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रांत और बरार तक सीमित था, जबकि बेनी की लीग ने शेष भारत में अपना कार्यक्षेत्र फैलाया।
2. वर्ष 1916 के ऐतिहासिक 'लखनऊ समझौते' (Lucknow Pact) के दौरान कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए समझौते में कांग्रेस ने पहली बार मुसलमानों के लिए पृथक् निर्वाचन मंडलों (Separate Electorates) की मांग को स्वीकार किया, जिसके प्रमुख शिल्पकार बाल गंगाधर तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना थे।
3. होमरोल आंदोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार द्वारा अपनाई गई दमनकारी नीतियों के तहत मद्रास सरकार ने एनी बेसेंट और उनके सहयोगियों (जॉर्ज अरुंडेल और बी.पी. वाडिया) को जून 1917 में नजरबंद कर दिया, जिसके विरोध में प्रसिद्ध न्यायविद् सर एस. सुब्रह्मण्य अय्यर ने ब्रिटिश सरकार को अपना 'नाइटहुड' (Knighthood) की उपाधि वापस कर दी।
4. मुस्लिम लीग और कांग्रेस के बीच गठबंधन को सुदृढ़ करने में कलकत्ता के उद्योगपति एवं राष्ट्रवादी नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद और हसरत मोहानी की कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं थी, क्योंकि लीग ने हमेशा नरमपंथियों का ही समर्थन किया था और चरमपंथियों का पूर्ण बहिष्कार किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी व्यापारिक नीतियों और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) थी, जिसने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी और उन्होंने भारतीय वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख वस्तु बनाया।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (Royal Charter) के माध्यम से केवल 15 वर्षों के लिए पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम द्वारा 1609 में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना जीन-बैप्टिस्ट कोल्बर्ट की प्रेरणा से 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसीसी कंपनी की पहली फैक्ट्री स्थापित की थी।
4. डेनिश (डेनमार्क) ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1620 में तंजौर जिले के ट्रेंक्यूबार (Tranquebar) में स्थापित की थी, किंतु वे भारत में अपने व्यापारिक प्रभाव को अधिक समय तक स्थायित्व नहीं दे पाए और अंततः अपनी सभी फैक्ट्रियों को अंग्रेजों को बेचकर स्वदेश लौट गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ऋषिकोंडा बीच, जिसको ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाण दोबारा हासिल हुआ है, किस राज्य में स्थित है?
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