त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
8 views
बिहार में कृषि और पशुपालन के समेकित विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार सरकार द्वारा संचालित 'बिहार कृषि रोड मैप (2023-2028)' के अंतर्गत जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-Resilient Agriculture) को बढ़ावा देने के लिए धान की सीधी बुवाई (SRI पद्धति) और ड्रिप सिंचाई तकनीक के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
- 2. राज्य में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 'बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ' (COMFED) द्वारा 'सुधा' ब्रांड के माध्यम से सहकारिता मॉडल को मजबूत किया गया है, जिसके तहत श्वेत क्रांति के द्वितीय चरण के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन से जोड़कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
- 3. मखाना (Fox Nut) उत्पादन के क्षेत्र में बिहार देश का अग्रणी राज्य है, जिसे हाल ही में भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया है, और इसके प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए दरभंगा और मधुबनी क्षेत्रों में मखाना क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
- 4. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बिहार में स्वदेशी नस्ल की गायों के संवर्धन और संरक्षण के लिए पूर्णिया और बेगूसराय में अत्याधुनिक वीर्य सेरा (Semen Station) और कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की स्थापना की गई है, ताकि दुधारू पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि हो सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार सरकार का कृषि रोड मैप जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देता है, COMFED (सुधा) के माध्यम से श्वेत क्रांति को गति मिली है, मिथिला मखाना को GI टैग मिलने से मखाना क्लस्टर विकसित हो रहे हैं, और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वदेशी नस्ल के पशुओं के संवर्धन हेतु आधुनिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे समसामयिक और विश्लेषणात्मक प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Related Questions
→
यूकेरियोटिक कोशिका में कोशिका चक्र (Cell Cycle) और समसूत्री विभाजन (Mitosis) के विभिन्न चरणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'अंतरावस्था' (Interphase) सबसे लंबी अवधि होती है, जिसे G1, S और G2 चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें S चरण के दौरान डीएनए का प्रतिकृतिरण (Replication) होता है तथा केंद्रक में डीएनए की मात्रा दोगुनी हो जाती है, जबकि गुणसूत्रों की संख्या (Chromosome number) अपरिवर्तित रहती है।
2. पूर्वावस्था (Prophase) के अंत तक केंद्रझिल्ली और केंद्रिका विलुप्त हो जाती हैं, तथा गुणसूत्र पूरी तरह से संघनित होकर छोटे और मोटे हो जाते हैं जिन्हें प्रकाश सूक्ष्मदर्शी द्वारा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
3. मध्यावस्था (Metaphase) की मुख्य विशेषता यह है कि गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर व्यवस्थित हो जाते हैं, जिन्हें 'मध्यावस्था पट्टिका' (Metaphase plate) कहा जाता है, और तर्कु तंतु (Spindle fibres) गुणसूत्रों के काइनेटोकोर (Kinetochore) से जुड़ जाते हैं।
4. पश्चावस्था (Anaphase) के दौरान सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और क्रोमैटिड अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, तथा इस चरण में तर्कु तंतुओं का संकुचन होता है और गुणसूत्रों की भुजाएं पीछे की ओर (ध्रुवों के विपरीत) खींची जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
मुस्लिम लीग एवं होमरोल लीग आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाक्रम और उनके वैचारिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1906 में ढाका में ऑल-इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना के समय इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के प्रति निष्ठा रखना, मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना और अन्य संप्रदायों के प्रति कटुता की भावना को रोकना था, जिसके प्रथम स्थायी अध्यक्ष आगा खान थे।
2. लखनऊ पैक्ट (1916) के अंतर्गत कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए समझौते में कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडल' की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया, जिसे बालगंगाधर तिलक और मोहम्मद अली जिन्ना के प्रयासों का परिणाम माना जाता है।
3. एनी बेसेंट द्वारा सितंबर 1916 में मद्रास में स्थापित 'ऑल इंडिया होम रूल लीग' का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर संवैधानिक माध्यमों से स्वशासन प्राप्त करना था, और इस लीग के सचिव जॉर्ज अरुंडेल थे।
4. वर्ष 1916 में ही बालगंगाधर तिलक द्वारा स्थापित होम रूल लीग का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, मध्य प्रांत, कर्नाटक और बरार तक सीमित था, और तिलक के 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' के नारे ने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है।
2. 'सात निश्चय पार्ट-2' (2020-2025) के अंतर्गत 'युवक सशक्तिकरण' और 'महिला सशक्तिकरण' को प्राथमिकता देते हुए 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण 4% साधारण ब्याज पर, जबकि महिलाओं, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडरों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% है।
3. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना' के तहत सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटाइज्ड करने और मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने का प्रावधान किया गया है।
4. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के अंतर्गत मिलने वाले ऋण का पुनर्भुगतान नौकरी मिलने के तुरंत बाद अनिवार्य रूप से शुरू हो जाता है, भले ही छात्र की मासिक आय निर्धारित सीमा से कम क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन रिपोर्टों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) से 'सक्रिय एवं रोकथाम आधारित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।
2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी रिपोर्टों के अनुसार, भारत में चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, तथा 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का उपयोग केवल आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए ही किया जा सकता है, आपदा न्यूनीकरण या रोकथाम के लिए नहीं।
3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के वैश्विक लक्ष्यों—विशेषकर 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030)—के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ निर्धारित की गई हैं।
4. पर्यावरण रिपोर्टों में उल्लिखित 'पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता क्षेत्र' (Eco-Sensitive Zones - ESZs) की नीति के तहत संरक्षित क्षेत्रों के चारों ओर वाणिज्यिक गतिविधियों और बड़े उद्योगों के विनियमन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के आवास की रक्षा करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार में अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.