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BPSC TRE 4.0
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बिहार के भौगोलिक परिदृश्य, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में भूजल स्तर में सुधार करना, पारंपरिक जल स्रोतों (तालाबों, पोखरों और आहर-पाइनों) का पुनरुद्धार करना तथा बड़े पैमाने पर पौधे लगाकर हरित आवरण को बढ़ाना है।
- 2. राज्य में गंगा नदी बेसिन और अन्य प्रमुख आर्द्रभूमि क्षेत्रों (जैसे कावर झील और बरला झील) के संरक्षण के लिए रामसर साइट्स के रूप में उनके प्रबंधन को मजबूत किया गया है, जिसमें कावर झील बिहार की पहली और एकमात्र अधिसूचित रामसर आर्द्रभूमि है।
- 3. बिहार का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 15% से अधिक हिस्सा वर्तमान में आधिकारिक रूप से दर्ज वन आवरण (Recorded Forest Cover) के अंतर्गत आता है, और 'बिहार स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज' के तहत राज्य में कार्बन सिंक को बढ़ाने के लिए कृषि वानिकी को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- 4. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है, जो राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है और यह तराई क्षेत्र के नम पर्णपाती वनों का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ जैव विविधता संरक्षण और बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 3 असत्य है। बिहार का कुल वन आवरण राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.84% (वृक्ष आवरण सहित लगभग 9.7%) है, न कि 15% से अधिक। 'जल-जीवन-हरियाली' मिशन, कावर झील (बेगूसराय) का रामसर स्थल के रूप में दर्जा, और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की पारिस्थितिकीय स्थिति बिहार की प्रमुख पर्यावरण पहलों में शामिल हैं। ऐसे अन्य महत्वपूर्ण अभ्यासों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
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हमारे ब्रह्माण्ड एवं सौर मण्डल की उत्पत्ति, संरचना और आकाशीय पिंडों की गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति से संबंधित सर्वाधिक स्वीकृत 'महाविस्फोट सिद्धांत' (Big Bang Theory) का प्रतिपादन जॉर्ज लेमैत्रे द्वारा किया गया था, जिसके अनुसार आज से लगभग 13.8 अरब वर्ष पूर्व समस्त ब्रह्माण्ड का पदार्थ एक अत्यधिक सघन, गर्म और सूक्ष्म एकाकी बिंदु (Singularity) में केंद्रित था।
2. हमारे सौर मण्डल का अधिकांश द्रव्यमान इसके केंद्र में स्थित सूर्य में निहित है, और सौर मण्डल के सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा पश्चिम से पूर्व की ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में करते हैं, किंतु शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) इसके अपवाद हैं जो पूर्व से पश्चिम की ओर (Clockwise) घूर्णन करते हैं।
3. 'क्वासर' (Quasars - Quasi-stellar radio sources) अत्यधिक दूरस्थ और अत्यधिक ऊर्जावान आकाशीय पिंड हैं, जो ब्रह्माण्ड के आरंभिक काल और आकाशगंगाओं के केंद्र में स्थित अति-विशाल कृष्ण विवरों (Supermassive Black Holes) की सक्रियता के सूचक माने जाते हैं।
4. आंतरिक ग्रहों (पार्थिव ग्रहों) और बाह्य ग्रहों (जोवियन ग्रहों) के बीच की बेल्ट में स्थित क्षुद्रग्रह (Asteroids) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इनका आकार बड़े ग्रहों की भाँति पूर्णतः गोलाकार होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के आपात उपबंधों (भाग XVIII) और संविधान संशोधन प्रक्रिया (भाग XX, अनुच्छेद 368) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, जबकि अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है, और 44वें संविधान संशोधन (1978) के बाद 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को जोड़ा गया।
2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तिथि से दो माह के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) से अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, तथा इसे अधिकतम 3 वर्षों तक ही बढ़ाया जा सकता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में (लोकसभा या राज्यसभा) पेश किया जा सकता है, और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, साथ ही यह विधेयक दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग विशेष बहुमत (प्रत्येक सदन के कुल सदस्यों का बहुमत तथा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत) से पारित होना अनिवार्य है।
4. संविधान संशोधन प्रक्रिया के तहत यदि कोई संशोधन देश के संघीय ढांचे (Federal Structure) को प्रभावित करता है, तो उसके लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त करना भी आवश्यक होता है, और इस प्रक्रिया में राज्यों के पास संविधान संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की पहल करने की शक्ति होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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