त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
8 views
हाल ही में चर्चा में रहे राष्ट्रीय समझौतों, सूचकांकों और महत्वपूर्ण नियुक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू को वर्ष 2024 के लिए संयुक्त राष्ट्र के बाहरी लेखा परीक्षकों के पैनल का उपाध्यक्ष (Vice-Chair) नियुक्त किया गया है, तथा जिनेवा स्थित अंतर-संसदीय संघ (IPU) में भारत का प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है।
- 2. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मध्य हाल ही में हस्ताक्षरित 'द्विपक्षीय निवेश संधि' (BIT) का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारंपरिक ऊर्जा व्यापार को बढ़ावा देना और रुपये-দিরহাম में व्यापार निपटान को समाप्त करना है।
- 3. नीति आयोग द्वारा जारी 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (MPI) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारत में करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जिसमें बहुआयामी गरीबों के अनुपात में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक तेज गिरावट दर्ज की गई है।
- 4. भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (ADB) के मध्य हाल ही में हुए समझौते के तहत देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों में हरित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए एक अरब अमेरिकी डॉलर के विशेष ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार, कथन 1 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। गिरीश चंद्र मुर्मू को संयुक्त राष्ट्र के बाहरी लेखा परीक्षकों के पैनल से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, और नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे राज्यों में गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट आई है। वहीं, कथन 2 गलत है क्योंकि रुपये-दिरहम व्यापार को समाप्त नहीं बल्कि बढ़ावा दिया जा रहा है, और कथन 4 तथ्यात्मक रूप से भ्रामक है। ऐसी ही अन्य उपयोगी शिक्षण सामग्रियों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल का नियमित अध्ययन करें।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रिपरिषद की शक्तियों, दायित्वों एवं संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, तथा 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह जोड़ा गया कि राष्ट्रपति इस मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकता है, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होगा।
2. उपराष्ट्रपति, जो राज्य सभा का पदेन सभापति होता है, के निर्वाचन में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) के निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, किंतु राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के सदस्य इसके निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं होते हैं।
3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75), जिसका अर्थ है कि मंत्रिपरिषद का कोई भी एक मंत्री लोकसभा द्वारा अपने विभाग से संबंधित नीतिगत मामलों पर पराजित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ सकता है।
4. यदि उपराष्ट्रपति का पद उसकी मृत्यु, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण रिक्त हो जाता है, तो इस रिक्ति को भरने के लिए संविधान में कोई निश्चित समय-सीमा (जैसे 6 महीने के भीतर) निर्धारित नहीं की गई है, किंतु नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 'यथाशीघ्र' कराया जाना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार में ब्रिटिश काल के दौरान हुए 'किसान विद्रोह एवं आंदोलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जमींदारों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और बेगारी प्रथा के खिलाफ संगठित करना था।
2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम सम्मेलन के अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती चुने गए थे, जबकि इसके महासचिव एन.जी. रंगा को बनाया गया था।
3. बकाश्त आंदोलन (Bakasht Land Movement), जो मुख्य रूप से मुंगेर और गया जैसे जिलों में चलाया गया था, उसका संबंध उन जमीनों से था जिन्हें जमींदारों ने किसानों द्वारा लगान न चुका पाने के कारण बेदखल कर दिया था, और किसान इन जमीनों पर अपनी मालिकाना हक की मांग कर रहे थे।
4. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर महात्मा गांधी बिहार आए थे, और इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य 'तीनकठिया पद्धति' के अंतर्गत किसानों से जबरन नील की खेती कराने और अवैध वसूली के विरुद्ध संघर्ष करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पटना स्थित पादरी की हवेली की वास्तुकला के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
→
भारत के राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति है
→
रसायन विज्ञान के विविध अनुप्रयोगों, अकार्बनिक यौगिकों और उनके औद्योगिक निर्माण की विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हैबर प्रक्रम' (Haber Process) द्वारा अमोनिया के औद्योगिक निर्माण में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन गैसों का संयोजन किया जाता है, जिसके लिए उत्प्रेरक के रूप में सूक्ष्म विभाजित लोहे (Fe) का तथा वर्धक (Promoter) के रूप में मॉलिब्डेनम (Mo) या पोटेशियम एल्यूमिना का उपयोग किया जाता है।
2. 'ओस्टवाल्ड प्रक्रम' (Ostwald Process) का उपयोग नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए किया जाता है, जिसमें अमोनिया के उत्प्रेरक ऑक्सीकरण के लिए प्लैटिनम-रोडियम जाली का उपयोग किया जाता है।
3. 'सॉल्वे प्रक्रम' (Solvay Process) द्वारा सोडियम कार्बोनेट (धोने का सोडा) का निर्माण किया जाता है, जिसमें कच्चे माल के रूप में अमोनिया, सोडियम क्लोराइड और चूना पत्थर का उपयोग होता है, तथा इस प्रक्रिया में अमोनिया को पुनः प्राप्त कर लिया जाता है।
4. जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) को दूर करने के लिए 'परम्यूटुट विधि' (Permutit Method) या कृत्रिम जिओलाइट का उपयोग किया जाता है, जिसमें जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों को सोडियम आयनों द्वारा विस्थापित कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.