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BPSC TRE 4.0
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विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अर्धचालक (Semiconductors) जैसे कि सिलिकॉन और जर्मेनियम की विद्युत चालकता तापमान बढ़ने पर घट जाती है, क्योंकि उच्च तापमान पर उनके संयोजी इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता अत्यधिक कम हो जाती है।
- 2. ट्रांजिस्टर (Transistor) एक अर्धचालक उपकरण है जिसका उपयोग मुख्य रूप से कमजोर विद्युत संकेतों (Signals) को प्रवर्धित (Amplify) करने या स्विच के रूप में करने के लिए किया जाता है, तथा इसमें उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base) और संग्राहक (Collector) तीन मुख्य टर्मिनल होते हैं।
- 3. दिष्टकारी (Rectifier) एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ या उपकरण है जो प्रत्यावर्ती धारा (AC) को दिष्ट धारा (DC) में परिवर्तित करता है, और इस प्रक्रिया में आमतौर पर पी-एन जंक्शन डायोड (P-N junction diode) का उपयोग किया जाता है।
- 4. एकीकृत परिपथ (Integrated Circuit - IC) में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक घटकों जैसे ट्रांजिस्टर, डायोड, प्रतिरोधक और संधारित्र को एक एकल सिलिकॉन चिप पर सूक्ष्म रूप से निर्मित किया जाता है, जिसके आविष्कार का श्रेय जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस को जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि अर्धचालकों (Semiconductors) का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर घटता है और उनकी विद्युत चालकता (Electrical Conductivity) बढ़ती है, न कि घटती है। तापमान बढ़ने से अधिक सहसंयोजक बंध टूटते हैं और मुक्त इलेक्ट्रॉन व होल युग्म उत्पन्न होते हैं। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। ट्रांजिस्टर संकेतों के प्रवर्धन और स्विचिंग का कार्य करता है; दिष्टकारी एसी को डीसी में बदलता है; और आईसी (IC) सिलिकॉन चिप पर आधारित होती है। इस तरह के महत्वपूर्ण विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत की नदियों के अपवाह तंत्र तथा उनके तट पर स्थित प्रमुख ऐतिहासिक एवं आधुनिक नगरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. उज्जैन - शिप्रा नदी
2. विजयवाड़ा - कृष्णा नदी
3. डिब्रूगढ़ - ब्रह्मपुत्र नदी
4. नासिक - कावेरी नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संक्रमण धातुएं और उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) प्रकृति के होते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके d-कक्षकों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (Unpaired Electrons) की उपस्थिति होना है।
2. संक्रमण तत्वों की आयन एंथैल्पी का मान बहुत उच्च होता है और वे विभिन्न प्रकार की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (Variable Oxidation States) प्रदर्शित करने में सक्षम होते हैं, क्योंकि उनके $(n-1)d$ और $ns$ कक्षकों की ऊर्जा में बहुत कम अंतर होता है।
3. संक्रमण धातुएं उत्प्रेरकी गुण (Catalytic Properties) प्रदर्शित करती हैं, जिसका कारण उनकी परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाएं और अभिकारकों को अपनी सतह पर अधिशोषित करने के लिए रिक्त d-कक्षकों की उपलब्धता है।
4. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मरकरी (Hg) को औपचारिक रूप से d-ब्लॉक के तत्व माना जाता है, किंतु उनके परमाणु या आयनों में d-कक्षक पूर्णतः भरे होने के कारण उन्हें संक्रमण तत्व (Transition Elements) नहीं कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल, गति, और ऊर्जा के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर एकसमान चाल से गति करती है, तो उस पर कार्य करने वाला अभिकेंद्र बल (Centripetal Force) वस्तु द्वारा तय किए गए वृत्त के केंद्र की ओर निर्देशित होता है, किंतु यह बल वस्तु द्वारा किया गया कार्य शून्य (Zero Work) होता है क्योंकि विस्थापन की दिशा हमेशा अभिकेंद्र बल के लंबवत होती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) के मामले में न केवल रैखिक संवेग (Linear Momentum) संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इसमें प्रयुक्त प्रत्यास्थता गुणांक (Coefficient of Restitution, e) का मान ठीक शून्य होता है।
3. किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है, तथा घूर्णन अक्ष (Axis of Rotation) की स्थिति बदलने पर भी वस्तु के जड़त्व आघूर्ण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण की कुल ऊर्जा उसके विस्थापन के साथ लगातार बदलती रहती है, तथा जब कण अपने माध्य स्थिति (Mean Position) पर होता है, तब उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम और गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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