त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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भौतिकी के अंतर्गत यांत्रिकी (Mechanics) के विभिन्न नियमों और सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum) के सिद्धांत पर आधारित है।
- 2. 'बर्नोली की प्रमेय' (Bernoulli's Theorem), जो आदर्श तरल के धाराखीय प्रवाह (Streamline Flow) पर लागू होती है, के अनुसार किसी नली में तरल के बहने पर प्रति एकांक आयतन की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) नियत रहती है, तथा वेग बढ़ने पर दाब कम हो जाता है।
- 3. 'जड़त्व आघूर्ण' (Moment of Inertia) किसी वस्तु का वह गुण है जो उसके घूर्णन गति में परिवर्तन का विरोध करता है, और इसका मान केवल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, उसके द्रव्यमान वितरण या घूर्णन अक्ष की स्थिति पर निर्भर नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) कोणीय संवेग संरक्षण के नियम का प्रत्यक्ष परिणाम है। कथन 2 सत्य है क्योंकि बर्नोली की प्रमेय ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है जिसके अनुसार धाराखीय प्रवाह में कुल ऊर्जा नियत रहती है (वेग बढ़ने पर दाब कम होता है)। कथन 3 असत्य है क्योंकि जड़त्व आघूर्ण केवल वस्तु के कुल द्रव्यमान पर ही नहीं, बल्कि घूर्णन अक्ष के सापेक्ष द्रव्यमान के वितरण (Distribution of Mass) पर भी निर्भर करता है। ऐसे और महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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