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Indian Polity
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लोकसभा स्पीकर इस्तीफा किसे देते हैं?

Detailed Explanation

उपाध्यक्ष को।
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'अस्पृश्यता का अंत' (Abolition of Untouchability) करता है? भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत किसी राज्य में 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए जारी उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है। 2. यदि लोकसभा का विघटन इन दो महीनों की अवधि के दौरान हो जाता है, तो ऐसी उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद अपनी पहली बैठक से 30 दिनों तक प्रवृत्त बनी रहेगी, बशर्ते इस बीच राज्य सभा द्वारा इसका अनुमोदन कर दिया गया हो। 3. राष्ट्रपति शासन की अधिकतम संभावित अवधि संसद की स्वीकृति के साथ निरंतर आगे बढ़ाते हुए बिना किसी ऊपरी समय सीमा के असीमित वर्षों तक हो सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की कार्यकारी, विधायी और विशेषकर 'क्षमादान की शक्तियों' (Pardoning Powers - अनुच्छेद 72) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सैन्य न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के मामलों में भी क्षमादान, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य के राज्यपाल की अनुच्छेद 161 के तहत प्रदत्त क्षमादान शक्ति से इस मायने में व्यापक है कि राज्यपाल को मृत्युदंड के मामलों में क्षमा करने की शक्ति प्राप्त नहीं होती है और न ही उसे सैन्य न्यायालय के निर्णयों पर कोई अधिकार होता है। 2. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति न्यायपालिका की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर है, अर्थात् राष्ट्रपति द्वारा किसी दया याचिका को अस्वीकार करने या निर्णय लेने के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में किसी भी आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है। 3. अनुच्छेद 72 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा अपनी शक्तियों का प्रयोग केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही किया जाता है, किंतु यदि राष्ट्रपति किसी दया याचिका पर निर्णय लेने में अत्यधिक और अस्पष्टीकृत विलम्ब करता है, तो विलम्ब के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान सभा के गठन, उसकी कार्यप्रणाली और समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कांग्रेस ने 208 सीटें और मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीती थीं, तथा रियासतों (Princely States) को संविधान सभा में कुल 93 सीटें आवंटित की गई थीं, जिन्होंने बाद में सभा की बैठकों में शुरुआत से ही भाग लेना स्वीकार कर लिया था। 2. संविधान सभा की संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे जिसमें कुल सदस्यों की संख्या अध्यक्ष सहित सात थी। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का निर्माण किया गया, जिसके दौरान इसके कुल 11 सत्र आयोजित किए गए तथा अंतिम रूप से संविधान पर 26 नवंबर 1949 को हस्ताक्षर किए गए, जिस दिन प्रस्तावना में उल्लिखित कुछ प्रावधानों के साथ संपूर्ण संविधान को तत्काल प्रवर्तित मान लिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कुल 296 सीटों (ब्रिटिश भारत के प्रांतों के लिए) में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें प्राप्त कीं, जबकि मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीतीं, और इस चुनाव में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise) का प्रयोग न करके सीमित मताधिकार के आधार पर प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से एकल संक्रमणीय मत के द्वारा सदस्यों का चयन किया गया था। 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली स्थित संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें मुस्लिम लीग ने इस बैठक का पूर्णतः बहिष्कार किया और पाकिस्तान के लिए एक अलग संविधान सभा की मांग दोहराई, तथा फ्रांसिसी परंपरा का अनुसरण करते हुए सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Provisional President) चुना गया था। 3. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution), जिसे 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था, में भारत को एक 'संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य' (Sovereign Socialist Secular Democratic Republic) घोषित करने का स्पष्ट प्रावधान किया गया था, जिसे सभा द्वारा उसी दिन सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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