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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'सार्वजनिक ऋण' (Public Debt) और 'भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपनाई जाने वाली मौद्रिक नीति' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. केंद्र सरकार के सार्वजनिक ऋण के अंतर्गत केवल 'आंतरिक ऋण' (Internal Debt) शामिल होता है, जिसमें बाजार ऋण, ट्रेजरी बिल और लघु बचतें आती हैं, जबकि विदेशी सरकारों या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से लिया गया 'बाह्य ऋण' (External Debt) संप्रभु सार्वजनिक ऋण का हिस्सा नहीं माना जाता है।
  2. 2. 'वेज एंड मीन्स एडवांसेज' (Ways and Means Advances - WMA) केंद्रीय और राज्य सरकारों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली एक अस्थायी ऋण सुविधा है, जिसका उपयोग सरकारों के राजस्व और व्यय के बीच के अल्पकालिक नकदी बेमेल (Cash Flow Mismatches) को दूर करने के लिए किया जाता है।
  3. 3. जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) खुले बाजार की क्रियाओं (Open Market Operations - OMO) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) की भारी मात्रा में बिक्री करता है, तो इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा की तरलता (Liquidity) में कमी आती है, जो सामान्यतः ब्याज दरों में वृद्धि का कारण बनती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: केंद्र सरकार के कुल सार्वजनिक ऋण (Public Debt) में 'आंतरिक ऋण' (Internal Debt) और 'बाह्य ऋण' (External Debt) दोनों शामिल होते हैं। बाह्य ऋण के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं (जैसे विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक) और विदेशी सरकारों से लिया गया ऋण आता है। कथन 2 सत्य है: 'वेज एंड मीन्स एडवांसेज' (WMA) RBI द्वारा केंद्र और राज्य सरकारों को दी जाने वाली एक अस्थायी वित्तपोषण सुविधा है ताकि उनके प्राप्तियों और भुगतानों के अस्थायी अंतरालों को पाटा जा सके। कथन 3 सत्य है: जब RBI खुले बाजार की क्रियाओं (OMO) के तहत सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, तो बाजार से तरलता RBI के पास चली जाती है, जिससे बैंकिंग प्रणाली में नकदी कम हो जाती है और ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बनती है।
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'रंगनाथ मिश्रा बनाम भारत संघ' (2003) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि मूल कर्तव्यों को केवल कानूनी रूप से लागू करने या दण्डित करने का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि देश में नागरिकों के बीच इनके प्रति जन-जागरूकता पैदा की जानी चाहिए और इन्हें कानून के अन्य प्रावधानों के साथ समेकित करके लागू किया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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