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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1920-22 के 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) तथा उससे जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और घटनाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. नागपुर के विशेष अधिवेशन (सितंबर 1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का विरोध चित्तरंजन दास (सी.आर. दास), मदन मोहन मालवीय और एनी बेनीसेंट जैसे नेताओं द्वारा किया गया था, हालाँकि दिसंबर 1920 के नागपुर के नियमित वार्षिक अधिवेशन में चित्तरंजन दास ने ही असहयोग के मुख्य प्रस्ताव को प्रस्तुत किया था।
- 2. असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी कपड़ों का बहिष्कार करने के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से जलाया गया था, जिसे रबीन्द्रनाथ टैगोर ने 'निष्ठावान बर्बरता' (Loyal Savagery) और राष्ट्रीय बर्बादी की संज्ञा दी थी, क्योंकि उनका मानना था कि कपड़ों को नष्ट करने के बजाय उनका सदुपयोग गरीबों की मदद के लिए किया जाना चाहिए था।
- 3. इस आंदोलन के दौरान केरल (मालाबार क्षेत्र) में हुए 'मोपला विद्रोह' (Moplah Rebellion, 1921) को असहयोग और खिलाफत आंदोलन का पूर्ण समर्थन प्राप्त था, और यह आंदोलन शुरू से अंत तक पूरी तरह से अहिंसक बना रहा, जिसे ब्रिटिश सरकार द्वारा केवल शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से समाप्त किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: कलकत्ता के विशेष अधिवेशन (सितंबर 1920) और बाद में नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में असहयोग के प्रस्ताव पर व्यापक चर्चा हुई थी। कलकत्ता अधिवेशन में सी.आर. दास ने प्रस्ताव का विरोध किया था, लेकिन नागपुर अधिवेशन में उन्होंने स्वयं इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया। एनी बेसेंट, जिन्ना और विपिन चंद्र पाल ने भी इस आंदोलन का विरोध किया था जिसके कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।
कथन 2 सही है: असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं और कपड़ों का बड़े पैमाने पर बहिष्कार किया गया और उन्हें जलाया गया। रबीन्द्रनाथ टैगोर ने विदेशी वस्त्रों को जलाने की इस नीति की कड़ी आलोचना की थी और इसे 'निष्ठावान बर्बरता' (Loyal Savagery) कहा था।
कथन 3 गलत है: मोपला विद्रोह (1921) केरल के मालाबार क्षेत्र में मुस्लिम किसानों (मोपला) द्वारा जमींदारों और ब्रिटिश शासन के खिलाफ किया गया विद्रोह था। हालाँकि शुरुआत में इसे खिलाफत और असहयोग आंदोलन का समर्थन मिला था, लेकिन बाद में यह हिंसक हो गया और इसने सांप्रदायिक रूप ले लिया था, जिसे ब्रिटिश सेना द्वारा भारी दमन के साथ कुचला गया था। अतः कथन 3 गलत है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 78' के अंतर्गत 'प्रधानमंत्री के कर्तव्य' तथा राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवाद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन के कार्यकलाप और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय (Decisions) राष्ट्रपति को संसूचित करे।
2. राष्ट्रपति द्वारा संघ के प्रशासन के कार्यकलाप और विधान के प्रस्तावों से संबंधित जो भी जानकारी मांगी जाए, प्रधानमंत्री उसे देने के लिए बाध्य है, भले ही मंत्रिपरिषद ने उस विशिष्ट विषय पर अभी तक कोई औपचारिक निर्णय या विचार न किया हो।
3. यदि किसी मंत्री ने किसी विषय पर कोई निर्णय ले लिया है, जिस पर मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, तो राष्ट्रपति के अपेक्षा करने पर प्रधानमंत्री को उस विषय को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत करना होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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बुद्ध के जीवन में 'प्रबोधन' (ज्ञान प्राप्ति) की घटना को क्या कहा जाता है?
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, 'वर्ष 1919 का भारत सरकार अधिनियम' (Government of India Act, 1919) या जिसे 'मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार' भी कहा जाता है, के प्रावधानों और उसकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा केंद्रीय और प्रांतीय विषयों को अलग किया गया तथा प्रांतीय विषयों को आगे दो भागों—'हस्तांतरित' (Transferred) और 'आरक्षित' (Reserved) में विभाजित किया गया, जिसे 'द्वैध शासन' (Dyarchy) प्रणाली कहा जाता है, जिसके तहत हस्तांतरित विषयों पर गवर्नर का शासन मंत्रियों की सहायता से होता था जो विधान-परिषद के प्रति उत्तरदायी थे।
2. इस अधिनियम ने देश में पहली बार प्रत्यक्ष निर्वाचन (Direct Elections) की व्यवस्था शुरू की, जिसके तहत केंद्रीय विधान-परिषद के स्थान पर द्विसदनीय व्यवस्था यानी 'राज्य परिषद' (Council of State) और 'केंद्रीय विधानसभा' (Central Legislative Assembly) का गठन किया गया, और महिलाओं को भी पहली बार सीमित मताधिकार प्रदान किया गया।
3. इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत में एक लोक सेवा आयोग (Public Service Commission) की स्थापना का वैधानिक निर्देश दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1926 में 'ली आयोग' (Lee Commission) की संस्तुतियों के आधार पर केंद्रीय लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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