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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यसागरीय जलवायु' (Mediterranean Climate) की विशेषताओं तथा इससे जुड़ी भौगोलिक घटनाओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भूमध्यसागरीय जलवायु मुख्य रूप से महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर 30° से 45° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के बीच पाई जाती है, और इस जलवायु की सबसे विशिष्ट विशेषता यह है कि यहाँ अधिकांश वर्षा गर्मियों के महीनों में चक्रवातीय depressions के कारण होती है, जबकि सर्दियाँ शुष्क रहती हैं।
  2. 2. इस क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन शुष्क और गर्म मौसम के लिए मुख्य रूप से उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) का ध्रुवीय दिशा में खिसकना उत्तरदायी होता है, जो हवाओं की नमी को रोक देता है।
  3. 3. भूमध्यसागरीय क्षेत्र में चलने वाली 'सिराको' (Sirocco) एक गर्म, शुष्क और धूल भरी स्थानीय हवा है जो सहारा मरुस्थल से उत्तर की ओर भूमध्य सागर को पार करते हुए दक्षिणी यूरोप (विशेषकर इटली) में पहुँचती है, जिसे कभी-कभी वहाँ 'रक्त वर्षा' (Blood Rain) का कारण माना जाता है क्योंकि हवा अपने साथ लाल धूल के कण उड़ाकर लाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि भूमध्यसागरीय जलवायु की सबसे मुख्य विशेषता 'शीतकालीन वर्षा' (Winter Rain) है। यहाँ गर्मियों में मौसम शुष्क रहता है और अधिकांश वर्षा सर्दियों के दौरान पछुआ हवाओं (Westerlies) के खिसकने और चक्रवातीय गतिविधियों के कारण होती है।कथन 2 सही है क्योंकि गर्मियों में सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही दाब पेटियाँ उत्तर की ओर खिसक जाती हैं, जिससे उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब पेटी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों पर प्रभावी हो जाती है, जो वर्षा को रोकती है और शुष्क ग्रीष्मकाल का कारण बनती है।कथन 3 सही है क्योंकि 'सिराको' (Sirocco) एक स्थानीय गर्म और शुष्क हवा है जो सहारा मरुस्थल से चलकर भूमध्य सागर पार करती है और यूरोप पहुँचती है। यह सागर से नमी ग्रहण करती है, जिससे वर्षा होती है और मरुस्थल की लाल धूल पानी के साथ मिलकर जमीन पर गिरती है, जिसे 'रक्त वर्षा' (Blood Rain) कहा जाता है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
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