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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' (राजभाषा - अनुच्छेद 343 से 351) तथा 'अष्टम अनुसूची' (Eighth Schedule) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप (International form of Indian numerals) होगा, किंतु संसद को विधि द्वारा यह शक्ति दी गई है कि वह 15 वर्ष की प्रारंभिक अवधि के बाद भी अंग्रेजी भाषा के निरंतर प्रयोग के लिए उपबंध कर सके।
- 2. संविधान की अष्टम अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें, 92वें और 96वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, और किसी भी भाषा को इस अनुसूची में शामिल करने के लिए संविधान में एक निश्चित न्यूनतम साक्षरता या बोलने वाले आबादी का प्रतिशत वैधानिक रूप से अनिवार्य किया गया है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 351 के अंतर्गत यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति (Composite culture) के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके, और इसके विकास के लिए मुख्य रूप से संस्कृत शब्दावली तथा देश की अन्य भाषाओं की शब्दावली से ही शब्द ग्रहण करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी घोषित की गई है तथा अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप निर्धारित किया गया है। साथ ही, राजभाषा अधिनियम, 1963 के माध्यम से संसद ने अंग्रेजी भाषा के प्रयोग को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने का प्रावधान किया है।
कथन 2 गलत है: संविधान की अष्टम अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं जो अब बढ़कर 22 हो चुकी हैं (21वें, 71वें, 92वें और 92वें संशोधन द्वारा जोड़ी गईं), किंतु संविधान में किसी भी नई भाषा को इस अनुसूची में शामिल करने के लिए कोई न्यूनतम जनसंख्या प्रतिशत या साक्षरता की वैधानिक या संवैधानिक अहर्त्ता निर्धारित नहीं की गई है।
कथन 3 सही है: संविधान के अनुच्छेद 351 के अनुसार हिंदी भाषा के विकास और संवर्धन के लिए यह निर्देश दिया गया है कि वह भारत की सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बने तथा अपनी शब्दावली के लिए मुख्य रूप से संस्कृत और गौण रूप से देश की अन्य भाषाओं (संविधान में उल्लिखित) के शब्द भंडार को आत्मसात करे।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ' (Services Under the Union and the States - Articles 308-323) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं (All-India Services) के सृजन का उपबंध कर सकती है, तथा इसके अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को संविधान के प्रारंभ से ही अखिल भारतीय सेवा माना गया है, जबकि भारतीय वन सेवा (IFoS) को 1966 में इस श्रेणी में जोड़ा गया था।
2. अनुच्छेद 315 के अंतर्गत संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के गठन का प्रावधान है, तथा दो या दो से अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद (न कि राष्ट्रपति) विधि द्वारा उन राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) की स्थापना कर सकती है।
3. अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी संयुक्त आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश से ही उसके पद से हटाया जा सकता है, वह भी तब जब उच्चतम न्यायालय द्वारा (राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित किए जाने पर) की गई जाँच में उसे 'कदाचार' (Misbehaviour) का दोषी पाया जाता है, और उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई यह सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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ISSF विश्व कप में 10m एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में किस जोड़ी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 368' के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया और 'संविधान की मूल संरचना के सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के किसी भी उपबंध को जोड़ने, संशोधित करने या निरसित करने की शक्ति प्राप्त है, और इस अनुच्छेद के अधीन संविधान संशोधन विधेयक को संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Permission) लेना अनिवार्य होता है।
2. 'केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)' के ऐतिहासिक मामले में उच्चतम न्यायालय की 13-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह व्यवस्था दी थी कि संसद की संविधान संशोधन की शक्ति असीमित नहीं है और वह अनुच्छेद 368 के तहत संविधान की 'मूल संरचना' (Basic Structure) को नष्ट या क्षीण नहीं कर सकती है।
3. न्यायिक समीक्षा (Judicial Review), संविधान का संघीय स्वरूप (Federal Character), और पंथनिरपेक्षता (Secularism) जैसे सिद्धांत संविधान की मूल संरचना का हिस्सा हैं, और संविधान के 'भाग III' द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को संसद द्वारा किसी भी परिस्थिति में संशोधित या सीमित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सतत विकास का मुख्य अर्थ क्या है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' के अंतर्गत 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP - अनुच्छेद 36 से 51) तथा उनसे संबंधित विभिन्न संशोधनों और न्यायिक निर्णयों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 39A के अंतर्गत 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' (Equal Justice and Free Legal Aid) का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था, और इसके क्रियान्वयन के लिए संसद ने 'विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987' (Legal Services Authorities Act, 1987) अधिनियमित किया था।
2. अनुच्छेद 48A, जो पर्यावरण का संरक्षण तथा संवोधन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा से संबंधित है, को भी 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा ही नीति निर्देशक तत्वों में शामिल किया गया था, जबकि इसी संशोधन के माध्यम से शिक्षा को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 38 में एक नया खंड (2) जोड़ा गया, जिसके तहत राज्य को विशिष्ट रूप से यह निर्देश दिया गया कि वह आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम से कम करने का प्रयास करे।
4. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स वाद (1980)' में यह स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान की नींव 'मूल अधिकार' और 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' दोनों के संतुलन पर टिकी हुई है, और यदि मूल अधिकारों (विशेषकर अनुच्छेद 14 और 19) को प्रभावी बनाने के लिए अनुच्छेद 39(b) या 39(c) के नीति निर्देशक तत्वों को प्राथमिकता दी जाती है, तो ऐसा कानून अनुच्छेद 14 या 19 के उल्लंघन के आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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