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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) तथा प्रशासनिक संबंधों (अनुच्छेद 256 से 263) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, और किसी राज्य के विधानमंडल को उस राज्य के संपूर्ण क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून को इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि उसका बहिर्क्षेत्रीय प्रवर्तन (Extraterritorial Operation) है।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 249 के अंतर्गत यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि तक प्रवृत्त रहता है।
  3. 3. अनुच्छेद 262 के अंतर्गत संसद को विधि द्वारा अंतर-राज्यीय नदियों या नदी घाटियों के जल के प्रयोग, वितरण या नियंत्रण से संबंधित विवादों या शिकायतों के न्यायनिर्णयन के लिए विशेष प्रावधान करने की शक्ति प्राप्त है, तथा संसद इस प्रकार की विधि बनाकर ऐसे विवादों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय और किसी अन्य न्यायालय के अधिकारक्षेत्र को पूरी तरह से अपवर्जित (Exclude) कर सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति है। साथ ही, अनुच्छेद 245(2) के स्पष्ट प्रावधान के अनुसार संसद द्वारा बनाया गया कोई भी कानून इस आधार पर अमान्य नहीं होगा कि उसका बहिर्क्षेत्रीय प्रवर्तन (Extraterritorial operation) है (अर्थात वह कानून भारत से बाहर के क्षेत्रों या व्यक्तियों पर भी लागू होता है)। कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 249 के तहत यदि राज्य सभा दो-तिहाई बहुमत से राष्ट्रीय हित में संकल्प पारित करती है, तो संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है। ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है, न कि दो वर्ष के लिए (हालांकि इसे आवश्यकतानुसार हर बार एक वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है)। कथन 3 सही है: अनुच्छेद 262 के अंतर्गत संसद को अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है। अनुच्छेद 262(2) यह भी स्पष्ट करता है कि संसद विधि द्वारा यह प्रावधान कर सकती है कि ऐसे किसी भी विवाद के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय का अधिकारक्षेत्र नहीं होगा (जैसे अंतर-राज्यीय जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत)। अत: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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