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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 79 से 122) के अंतर्गत 'संसद की विधायी प्रक्रिया और वित्तीय मामलों' से संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार 'धन विधेयक' (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं; तथा राज्यसभा को धन विधेयक प्राप्त होने की तारीख से चौदह दिन की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों सहित या उसके बिना विधेयक को लोकसभा को वापस करना होता है, और यदि इस अवधि के भीतर राज्यसभा विधेयक को वापस नहीं करती है, तो उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा उस रूप में पारित समझा जाता है जिसमें वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
  2. 2. अनुच्छेद 110 के उपबंधों के अनुसार यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है, और इस निर्णय को किसी भी न्यायालय में, या संसद के किसी भी सदन में (स्वयं लोकसभा को छोड़कर), या राष्ट्रपति के समक्ष चुनौती दी जा सकती है यदि अध्यक्ष ने संविधान की प्रक्रिया का उल्लंघन किया हो।
  3. 3. संविधान के अनुच्छेद 117 के अनुसार कोई भी वित्तीय विधेयक (Financial Bill), जो अनुच्छेद 110 के खंड (क) से (च) में विनिर्दिष्ट किसी भी विषय से संबंधित है, लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति के बिना पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता है, किंतु राज्यसभा में ऐसे विधेयक पर विचार करते समय राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति का होना अनिवार्य नहीं होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है (राज्यसभा में नहीं)। राज्यसभा को इसे 14 दिनों के भीतर लौटाना होता है, अन्यथा दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है। कथन 2 गलत है: अनुच्छेद 110(3) के अनुसार, यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा के अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। इस निर्णय को किसी भी न्यायालय में, संसद के किसी सदन में या राष्ट्रपति के समक्ष चुनौती नहीं दी जा सकती है। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 117(1) के अनुसार, अनुच्छेद 110(1)(a) से (f) में उल्लिखित मामलों से संबंधित वित्तीय विधेयक (Financial Bill Category-I) को भी लोकसभा में केवल राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति से ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, और राज्यसभा में भी ऐसे विधेयक पर विचार करने या उसे पेश करने से पूर्व राष्ट्रपति की संस्तुति आवश्यक होती है (यानी राज्यसभा में विचार के चरण से पहले भी यह लागू होता है)। अतः केवल कथन 1 सही है।
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