त्वरित लिंक्स
Civil services
6 views
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय लवणता' (Ocean Salinity) और उससे संबंधित कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय जल की लवणता मुख्य रूप से उसमें घुले हुए लवणों की मात्रा को दर्शाती है, और खुले महासागरों में लवणता की अधिकतम मात्रा भूमध्य रेखा (Equator) पर दर्ज की जाती है क्योंकि वहाँ सबसे अधिक वाष्पीकरण होता है।
- 2. उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय लवणता दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में सामान्यतः अधिक पाई जाती है, जिसका मुख्य कारण उत्तरी गोलार्ध में भूभाग (Landmasses) की अधिकता और नदियों द्वारा मीठे पानी का अधिक प्रवाह होना है जो लवणता को बढ़ाता है।
- 3. बन्द या अर्ध-बन्द सागरों (Enclosed or Semi-enclosed seas), जैसे कि लाल सागर (Red Sea) और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में वाष्पीकरण की उच्च दर और कम वर्षा के कारण लवणता बहुत अधिक होती है, जबकि उच्च अक्षांशों में पिघलती हुई बर्फ के कारण सतह की लवणता कम हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है: भूमध्य रेखा (Equator) पर महासागरीय लवणता अधिकतम नहीं होती है, बल्कि वहाँ अधिक वर्षा (Heavy rainfall) और बादलों के छाए रहने के कारण वाष्पीकरण की तुलना में मीठे पानी की आपूर्ति अधिक होती है, जिससे वहाँ लवणता अपेक्षाकृत कम पाई जाती है। महासागरीय लवणता की अधिकतम मात्रा सामान्यतः उपोष्णकटिबंधीय उच्च दाब कटिबंधों (Subtropical High-Pressure Belts, लगभग 20° से 30° उत्तर और दक्षिण अक्षांश) में दर्ज की जाती है जहाँ वाष्पीकरण उच्च होता है और वर्षा कम होती है।
कथन 2 गलत है: यह सही है कि उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय लवणता दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में अधिक होती है, किंतु इसका कारण 'नदियों द्वारा मीठे पानी का अधिक प्रवाह' होना लवणता को *बढ़ाता* नहीं है, बल्कि मीठा पानी (Freshwater) मिलने से लवणता कम होती है। उत्तरी गोलार्ध में अधिक लवणता का कारण वहाँ शुष्क उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का विस्तार और वाष्पीकरण की अधिक दर है।
कथन 3 सही है: बन्द या अर्ध-बन्द सागरों (जैसे लाल सागर और फारस की खाड़ी) में अत्यधिक वाष्पीकरण और ताजे पानी के स्रोतों (नदियों) की कमी के कारण लवणता बहुत अधिक होती है। इसके विपरीत, उच्च अक्षांशों (High latitudes) में ग्लेशियरों और समुद्री बर्फ के पिघलने से जल में मीठा पानी मिलने के कारण सतह की लवणता काफी कम हो जाती है।
Related Questions
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329) और उससे संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए होने वाले सभी निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति एक स्वतंत्र निर्वाचन आयोग में निहित होती है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर नियुक्त अन्य चुनाव आयुक्त शामिल होते हैं।
2. मुख्य चुनाव आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की संस्तुति के बिना किसी भी परिस्थिति में उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 329 के प्रावधानों के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन या सीटों के आवंटन से संबंधित कानूनों का निर्माण कर सकती है, तथा इस अनुच्छेद के अंतर्गत किसी भी चुनाव को किसी भी न्यायालय में केवल 'चुनाव याचिका' (Election Petition) के माध्यम से ही चुनौती दी जा सकती है, जिसे किसी उच्च न्यायालय द्वारा अधिकृत प्राधिकारी के समक्ष ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायती राज - अनुच्छेद 243 से 243-O) तथा 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 देश में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर और जिला स्तर) की स्थापना करता है, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन न करने की छूट प्रदान की गई है।
2. पंचायतों के सभी स्तरों पर सीटों के आरक्षण के संदर्भ में, अधिनियम के तहत प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले कुल स्थानों का कम-से-कम एक-तिहाई भाग महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य किया गया है, जिसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल हैं।
3. प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष का होता है, और यदि किसी राज्य में पंचायत को समय से पूर्व विघटित (Dissolve) कर दिया जाता है, तो विघटन की तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त होने से पहले नए चुनाव कराना अनिवार्य है, तथा शेष बची हुई अवधि के लिए गठित नई पंचायत केवल उसी शेष अवधि तक ही कार्य करेगी न कि पूरे पांच साल के लिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) और पृथ्वी के आंतरिक भाग की संरचना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter) से उत्पन्न होने वाली तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और वे केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
2. पृथ्वी के आंतरिक भाग में क्रोड (Core) की सीमा के पास पहुँचने पर S-तरंगों का गायब हो जाना और P-तरंगों का मार्ग से विचलित होकर मंद गति से आगे बढ़ना इस बात का सबसे पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण प्रदान करता है कि बाहरी क्रोड (Outer Core) तरल अवस्था में है।
3. धरातल पर पहुँचने वाली 'धरातलीय तरंगें' (Surface Waves या L-waves) शरीरिक तरंगों (Body Waves) की तुलना में अधिक गहराई तक यात्रा करती हैं और पृथ्वी के केंद्र से गुजरते हुए सबसे अधिक विनाशकारी प्रभाव उत्पन्न करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के अंतर्गत 'अध्या Ordinance' (अध्यादेश - अनुच्छेद 123) तथा 'न्यायिक समीक्षा' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति को अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति संसद के सत्रावसान के दौरान प्राप्त होती है, और इस शक्ति का विस्तार उन्हीं विषयों पर होता है जिन पर कानून बनाने की शक्ति भारतीय संसद को प्राप्त है, किंतु राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश की संवैधानिक वैधता अनिश्चित काल तक नहीं बनी रह सकती क्योंकि संसद के पुनः समवेत होने पर इसे 6 सप्ताह के भीतर दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है।
2. 'डी.सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य (1987)' मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया था कि कार्यपालिका द्वारा किसी एक ही अध्यादेश को बार-बार पुनः प्रख्यापित (re-promulgation) करके विधायी कार्यों को अपने हाथ में लेना संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) और संसद के प्रति कार्यपालिका के उत्तरदायित्व के सिद्धांत का उल्लंघन है, तथा ऐसा करना असंवैधानिक है।
3. 'कृष्णा कुमार सिंह बनाम बिहार राज्य (2017)' मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 123 या 213 के तहत प्रख्यापित अध्यादेशों को विधानमंडल के समक्ष रखना एक अनिवार्य संवैधानिक कर्तव्य है, और यदि किसी अध्यादेश को सदन के पटल पर रखे बिना ही उसकी समय-सीमा समाप्त होने दी जाती है, तो उसके द्वारा किए गए सभी कार्यकारी और विधिक कार्यों का प्रभाव स्वतः समाप्त हो जाता है और वे शून्य हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-ख' (सहकारी समितियाँ - अनुच्छेद 243-ZH से 243-ZT) तथा 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के माध्यम से सहकारी समितियों का गठन करना एक मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19 के तहत 'संगम या संघ या सहकारी समितियाँ बनाने का अधिकार') बना दिया गया, तथा संविधान में एक नया नीति निर्देशक तत्व (अनुच्छेद 43-B) जोड़कर राज्यों को सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज और लोकतांत्रिक नियंत्रण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया।
2. इस संशोधन द्वारा सहकारी समितियों के बोर्ड के सदस्यों की अधिकतम संख्या 21 तय की गई, तथा बोर्ड के निर्वाचन में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण की अनिवार्यता का प्रावधान किया गया, जिसमें बोर्ड में कम से कम एक सीट एससी/एसटी के लिए और दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
3. सहकारी समितियों के निदेशकों का कार्यकाल उनके निर्वाचन की तिथि से अधिकतम 5 वर्ष होगा, और यदि किसी सहकारी समिति के बोर्ड को राज्य सरकार द्वारा विघटित (Supersede) किया जाता है, तो विघटन की तिथि से अधिकतम 6 महीने के भीतर नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव कराना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.