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Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) और लोक सेवा आयोगों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से संकल्प पारित किए जाने पर संसद को नई अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन की शक्ति प्राप्त है, और इसके तहत वर्ष 1966 में 'भारतीय वन सेवा' (IFoS) को तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में जोड़ा गया था।
- 2. अनुच्छेद 316 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या किसी राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा आयोग के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि या पैंसठ (65) वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) होता है, भले ही वह SPSC का सदस्य क्यों न हो।
- 3. अनुच्छेद 317 के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग या किसी संयुक्त आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश से ही उसके पद से हटाया जा सकता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाने की शक्ति केवल संबंधित राज्य के राज्यपाल के पास होती है, राष्ट्रपति के पास नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई (2/3rd) बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद विधि द्वारा एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जो संघ और राज्यों दोनों के लिए सामान्य हों) के सृजन का उपबंध कर सकती है। मूल संविधान में दो अखिल भारतीय सेवाएं (IAS और IPS) थीं, और वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 में संशोधन कर 'भारतीय वन सेवा' (IFoS) को तीसरी अखिल भारतीय सेवा बनाया गया।
कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है, किंतु 'राज्य लोक सेवा आयोग' (SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है, 65 वर्ष नहीं।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 317 के अनुसार, भले ही SPSC के सदस्यों और अध्यक्ष की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने का अधिकार केवल और केवल 'राष्ट्रपति' को ही प्राप्त है (राज्यपाल को नहीं), ठीक उसी प्रकार जैसे UPSC के सदस्यों को हटाया जाता है। SPSC के सदस्यों को भी कदाचार के आधार पर उच्चतम न्यायालय की जाँच रिपोर्ट के पश्चात राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'संधारणीय विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए 2030 एजेंडा के 17 संधारणीय विकास लक्ष्यों (SDGs) में लक्ष्य 1 (Goal 1) सभी रूपों में गरीबी के अंत से संबंधित है, जबकि लक्ष्य 2 (Goal 2) 'शून्य भूख' (Zero Hunger) को प्राप्त करने, खाद्य सुरक्षा में सुधार करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित करता है।
2. भारत में राष्ट्रीय स्तर पर 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (MPI) का संकलन और प्रकाशन नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भारांक वाले आयामों के अंतर्गत आने वाले 12 संकेतकों के आधार पर किया जाता है।
3. नीति आयोग द्वारा जारी हालिया MPI रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-16 और 2019-21 के बीच भारत में बहुआयामी गरीबी के संदर्भ में सबसे अधिक तीव्र गिरावट उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में दर्ज की गई है, जहाँ सबसे बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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कोटोपैक्सी ज्वालामुखी किस देश में स्थित है?
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लिपुलेख दर्रा किस राज्य में स्थित है और किसके लिए महत्वपूर्ण है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XX' के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया (Amendment of the Constitution - Article 368) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान का संशोधन करने की पहल केवल संसद के किसी भी सदन में एक विधेयक प्रस्तुत करके की जा सकती है, और इस प्रयोजन के लिए राज्य विधानमंडलों द्वारा संशोधन विधेयक लाने की कोई शक्ति नहीं दी गई है।
2. संविधान के कुछ विशिष्ट प्रावधानों (जैसे राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया या संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार) में संशोधन के लिए यह अनिवार्य है कि विधेयक को संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित किए जाने के अलावा, कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थित (Ratified) किया जाए।
3. केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 368 के तहत अपनी संशोधन शक्ति का प्रयोग करते हुए संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) को प्रभावित या नष्ट नहीं कर सकती है, किंतु संसद संविधान के 'भाग III' (मौलिक अधिकार) के किसी भी प्रावधान को पूर्ण रूप से निरस्त करने का असीमित अधिकार रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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