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BPSC TRE 4.0
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बिहार का राजकीय वृक्ष क्या है?
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Detailed Explanation
बिहार का राजकीय वृक्ष पीपल है।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की संवैधानिक स्थिति, स्वतंत्रता और शक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उन्हें उनके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों और CAG दोनों के वेतन, भत्ते तथा पेंशन भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित (Charged) होते हैं, जिन पर संसद के दोनों सदनों में बहस तो हो सकती है किंतु मतदान नहीं कराया जा सकता है।
3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) अपने पद की अवधि समाप्त होने के पश्चात् भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य कार्यालय या पद को ग्रहण करने के लिए पूर्णतः पात्र होते हैं, क्योंकि संविधान में इनके पुनर्नियुक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
4. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह विधि या तथ्य के किसी व्यापक प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय से परामर्श ले सकता है, और इस प्रकार दिए गए परामर्श को मानने के लिए राष्ट्रपति हर स्थिति में पूरी तरह बाध्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की ऐतिहासिक भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया प्रणाली' के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के प्रत्येक बीघे के तीन-बीसवें (3/20वें) हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना आवश्यक था।
2. महात्मा गांधी को चंपारण आने का निमंत्रण देने वाले राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन (1916) में गांधीजी से भेंट की थी, तथा इस सत्याग्रह के दौरान गांधीजी के प्रमुख सहयोगियों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और जे.बी. कृपलानी शामिल थे।
3. ब्रिटिश सरकार ने चंपारण की स्थिति की जाँच के लिए 'चंपारण अग्रियन कमेटी' (Champaran Agrarian Enquiry Committee) का गठन किया था, जिसके अध्यक्ष एफ. एल. सलाई (F. L. Sly) थे, और इस समिति की संस्तुतियों के आधार पर अवैध वसूली का 25 प्रतिशत हिस्सा किसानों को वापस लौटाया गया तथा तीनकठिया प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया।
4. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से अभिभूत होकर रबीन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी को पहली बार 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था, और यह आंदोलन भारत में गांधीजी का पहला सविनय अवज्ञा (Civil Disobedience) का सफल प्रयोग साबित हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान दांडी मार्च के पश्चात महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के समक्ष ग्यारह सूत्री मांगें रखी थीं, जिन्हें अस्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया गया।
2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत सरकार ने उन सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करने पर सहमति दी थी जिन पर हिंसा का प्रत्यक्ष आरोप था, तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आगामी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की अनुमति मिली।
3. वर्ष 1931 में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, किंतु सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर यह सम्मेलन पूरी तरह असफल रहा।
4. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने तीनों (प्रथम, द्वितीय और तृतीय) गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था और उन्होंने दलितों (अछूतों) के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग उठाई थी, जिसे बाद में पूना पैक्ट के माध्यम से संशोधित किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अकबर का राजस्व मंत्री कौन था?
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