त्वरित लिंक्स
Civil services
7 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा और '44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978' द्वारा किए गए परिवर्तनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मूल संविधान में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा का एक आधार 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) भी था, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित करके 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) कर दिया गया था।
- 2. राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तभी की जा सकती है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) लिखित रूप में अपना ऐसा विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करता है, और इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसकी जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर विशेष बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
- 3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः ही निलंबित हो जाते हैं, चाहे आपातकाल की घोषणा युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह में से किसी भी आधार पर की गई हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: मूल संविधान में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के तीन आधार थे— युद्ध, बाह्य आक्रमण और 'आंतरिक अशांति'। 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' शब्द को हटाकर उसकी जगह 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द जोड़ा गया ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके।
कथन 2 सही है: 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) जब तक लिखित रूप में राष्ट्रपति को अनुशंसा नहीं भेजता, तब तक राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा नहीं कर सकते। इसके साथ ही, इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा जारी होने की तारीख से एक माह (मूल रूप से दो माह था) के भीतर विशेष बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 359 के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित नहीं होते हैं। अनुच्छेद 19 के अंतर्गत प्राप्त मूल अधिकारों का निलंबन केवल तभी हो सकता है जब आपातकाल की घोषणा 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर की गई हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर। अतः कथन 3 असत्य है।
Related Questions
→
संसार का सबसे बड़ा मरुस्थल कौन सा है?
→
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth) तथा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संचरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
2. वैज्ञानिकों ने प्राथमिक और द्वितीयक तरंगों के वेग परिवर्तन और छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि पृथ्वी का 'बाहरी क्रोड़' (Outer Core) तरल अवस्था में है, क्योंकि इस क्षेत्र में S-waves पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं जबकि P-waves का मार्ग विवर्तित (Refract) होता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक परतों के बीच पाई जाने वाली 'लेहमैन असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा का निर्धारण करती है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
कल्पसूत्र के रचयिता कौन थे?
→
अभिधम्म पिटक में किसका विवरण मिलता है?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों (Legislative Relations) और 'अनुच्छेद 249' तथा 'अनुच्छेद 252' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर विधि बना सकती है, और ऐसा प्रस्ताव अधिकतम पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
2. यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल प्रस्ताव पारित करके संसद से यह अनुरोध करें कि राज्य सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा विधि बनाई जानी चाहिए, तो संसद उन राज्यों के संबंध में उस विषय पर कानून बना सकती है, और ऐसे अधिनियम को बाद में किसी अन्य राज्य द्वारा अंगीकृत (Adopt) भी किया जा सकता है।
3. अनुच्छेद 250 के तहत, जब कभी राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की उद्घोषणा प्रवर्तन में होती है, तो संसद को राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, किंतु आपातकाल की समाप्ति के पश्चात संसद द्वारा बनाए गए ऐसे सभी कानून ठीक छह महीने की अवधि समाप्त होने पर निष्प्रभावी (Inactive) हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.