BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
4 views

भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण' (National Tiger Conservation Authority - NTCA) तथा 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' [Wildlife (Protection) Act, 1972] के विधिक एवं संस्थागत प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण' (NTCA) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में वर्ष 2006 के संशोधन के माध्यम से स्थापित एक सांविधिक (Statutory) और स्वायत्त निकाय है।
  2. 2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत किसी भी बाघ रिजर्व (Tiger Reserve) के 'कोर या क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट' (Core or Critical Tiger Habitat) क्षेत्र से किसी भी अनुसूचित जनजाति या अन्य पारंपरिक वनवासी को वैज्ञानिक प्रबंधन या लोकहित के नाम पर तब तक नहीं हटाया जा सकता, जब तक कि उनके पुनर्वास और अधिकारों की मान्यता की प्रक्रिया पूरी न हो जाए तथा राज्य सरकार द्वारा इसकी पूर्व स्वीकृति न दे दी जाए।
  3. 3. NTCA के पास यह वैधानिक अधिकार है कि वह बाघ रिजर्व के बफर क्षेत्रों (Buffer Zones) में वाणिज्यिक पर्यटन और अन्य गैर-वन गतिविधियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर सके, तथा इसके अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री कार्य करते हैं, जबकि इसका उपाध्यक्ष राज्य का वन मंत्री होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में 2006 के संशोधन के बाद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई थी। कथन 2 सही है: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (विशेषकर 2006 के संशोधन के बाद जोड़ी गई धारा 38V) के अनुसार, टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों से वनवासियों या आदिवासियों को बिना उनकी सहमति और पुनर्वास तथा वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत अधिकारों की अंतिम प्रक्रिया पूरी किए बिना नहीं हटाया जा सकता। कथन 3 गलत है: NTCA के अध्यक्ष 'केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री' होते हैं, और इसके उपाध्यक्ष 'राज्य मंत्री' (उसी मंत्रालय के) होते हैं, न कि राज्यों के वन मंत्री। इसके अलावा, बफर क्षेत्रों में वाणिज्यिक पर्यटन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि NTCA के दिशा-निर्देशों के तहत इसे विनियमित (Regulate) किया जाता है। अतः कथन 3 असत्य है। सही उत्तर विकल्प (a) है।
Share:

Related Questions

संविधान की प्रस्तावना में अब तक कितनी बार संशोधन किया गया है? उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है? भारतीय राजव्यवस्था और संसद की विधायी प्रक्रिया के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 109' और 'अनुच्छेद 110' के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill) की प्रक्रिया और लोकसभा की सर्वोच्चता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुसार, धन विधेयक को केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित (Introduce) किया जा सकता है, और राज्यसभा इस विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती है, किंतु वह इसे अधिकतम 30 दिनों की अवधि के लिए रोक सकती है। 2. यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विधेयक 'धन विधेयक' है या नहीं, तो लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) का इस पर लिया गया निर्णय अंतिम होता है, और इस निर्णय को किसी भी न्यायालय में, संसद के किसी सदन में या राष्ट्रपति द्वारा चुनौती नहीं दी जा सकती है। 3. राष्ट्रपति को धन विधेयक के संबंध में अपनी संस्तुति (Prior Recommendation) देनी होती है, और जब एक धन विधेयक राष्ट्रपति के पास उसकी अनुमति (Assent) के लिए प्रस्तुत किया जाता है, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति दे सकता है या रोक सकता है, किंतु वह संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत उसे पुनर्विचार के लिए संसद के पास वापस नहीं भेज सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन किस अनुच्छेद के तहत किया जाता है? भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया' (Attorney General for India - Article 76) तथा 'महाधिवक्ता' (Advocate General - Article 165) के संवैधानिक प्रावधानों एवं उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अटॉर्नी जनरल देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्ह हो, और संविधान ने इसके कार्यकाल को निश्चित नहीं किया है तथा यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the Pleasure of the President) पद धारण करता है। 2. भारत के महान्यायवादी (Attorney General) को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, और उसे संसद के किसी भी सदन या उसकी संयुक्त बैठक में बोलने तथा उसकी कार्यवाही में भाग लेने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है, किंतु उसे संसद की किसी भी समिति में मतदान करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। 3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उसके पास राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों (जहाँ द्विसदनीय व्यवस्था हो) की बैठकों में भाग लेने का अधिकार होता है, किंतु मतदान के अधिकार के संबंध में उसे भी वही प्रतिबंध सहने पड़ते हैं जो महान्यायवादी को संसद के संदर्भ में सहने होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.