त्वरित लिंक्स
Civil services
7 views
भारतीय अर्थव्यवस्था में 'मुद्रास्फीति जनित मंदी' (Stagflation) और इसके समष्टि आर्थिक (Macroeconomic) प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. स्टेगफ्लेशन (Stagflation) एक ऐसी असामान्य आर्थिक स्थिति है जिसमें उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) के साथ-साथ आर्थिक विकास दर में तीव्र गिरावट (Stagnation) और बेरोजगारी में वृद्धि एकसाथ देखने को मिलती है।
- 2. 'लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति' (Cost-push inflation), जैसे कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने या कच्चे तेल की कीमतों में अचानक भारी वृद्धि के कारण, आमतौर पर स्टेगफ्लेशन की स्थिति को उत्पन्न करने के लिए सबसे प्रमुख उत्तरदायी कारकों में से एक मानी जाती है।
- 3. केंद्रीय बैंकों द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए अपनाई जाने वाली पारंपरिक संकुचनकारी मौद्रिक नीति (Contractionary Monetary Policy) इस स्थिति में आर्थिक विकास को तेजी से बढ़ावा देकर बेरोजगारी की समस्या का पूरी तरह और स्थाई रूप से समाधान कर देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: स्टेगफ्लेशन (Stagflation) मंदी (Stagnation) और मुद्रास्फीति (Inflation) का एक संयोजन है। इस स्थिति में अर्थव्यवस्था में विकास दर सुस्त या नकारात्मक होती है, बेरोजगारी उच्च स्तर पर होती है और साथ ही वस्तुओं व सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही होती हैं।
कथन 2 सही है: लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति (Cost-push inflation) स्टेगफ्लेशन का मुख्य कारण बनती है। जब उत्पादन लागत (जैसे कच्चे तेल, श्रम या कच्चे माल के दाम) अचानक बढ़ जाती है, तो कुल आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं और मंदी तथा बेरोजगारी की स्थिति पैदा होती है।
कथन 3 गलत है: केंद्रीय बैंक जब मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए संकुचनकारी मौद्रिक नीति (ब्याज दरें बढ़ाना) अपनाते हैं, तो इससे अर्थव्यवस्था में मांग और अधिक कम हो जाती है, जिससे आर्थिक विकास की गति और धीमी हो जाती है तथा बेरोजगारी की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए यह नीति स्टेगफ्लेशन में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के बजाय मंदी को और गहरा सकती है।
Related Questions
→
संसद के सत्र और सत्रावसान से संबंधित अनुच्छेद कौन सा है?
→
भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित债券' (Green Bonds) तथा 'जलवायु वित्तपोषण' (Climate Finance) के प्रावधानों और मानकों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हरित बॉन्ड एक प्रकार का निश्चित आय वाला वित्तीय उपकरण है, जिसे विशेष रूप से सकारात्मक पर्यावरणीय और/या जलवायु लाभ वाली परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के लिए जारी किया जाता है, तथा इसे केवल संप्रभु सरकारों (Sovereign Governments) द्वारा ही जारी किया जा सकता है, कॉर्पोरेट संस्थाओं द्वारा नहीं।
2. भारत में 'संप्रभु हरित बॉन्ड' (Sovereign Green Bonds) फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्राप्त होने वाली आय को सार्वजनिक क्षेत्र की उन परियोजनाओं में लगाया जाता है जो देश के सकल ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की तीव्रता को कम करने में सहायता करती हैं, और इसके तहत प्रत्यक्ष रूप से जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) से जुड़ी ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं को भी वित्तपोषित करने की पूर्ण अनुमति होती है।
3. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हरित ऋण पत्रों (Green Debt Securities) के लिए भारतीय बाजारों में विनियामक ढांचा स्थापित किया है, जिसके तहत जारीकर्ताओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे जुटाई गई राशि के उपयोग और उसके पर्यावरणीय प्रभावों की निगरानी तथा स्वतंत्र तृतीय-पक्ष (Third-party) समीक्षा की रिपोर्ट नियमित रूप से सार्वजनिक करें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) तथा आपातकालीन प्रावधानों के अंतर्गत विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को पूरे या भारत के किसी भी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति है, तथा राज्य का विधानमंडल पूरे राज्य या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकता है, किंतु संसद द्वारा बनाया गया कोई भी कानून इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि उसका अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रभाव (Extra-territorial operation) है।
2. जब राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) प्रवर्तन में होता है, तब संसद को राज्य सूची (सूची-II) में शामिल किसी भी विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और आपातकाल की समाप्ति के पश्चात संसद द्वारा बनाया गया ऐसा कानून ठीक छह महीने की अवधि समाप्त होने पर स्वतः निष्प्रभावी (Inactive) हो जाता है, सिवाय उन बातों के जो उस अवधि के समाप्त होने से पहले की गई हों।
3. अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बनाना चाहिए, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक प्रवृत्त रह सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
अताला मस्जिद किस शहर में स्थित है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.