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भारतीय पर्यावरण कानून और वन्यजीव संरक्षण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' (National Board for Wildlife - NBWL) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड एक सांविधिक (Statutory) निकाय है जिसका गठन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधन अधिनियम, 2002 के तहत) के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है।
  2. 2. इस बोर्ड के अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री इसके उपाध्यक्ष (Vice-Chairman) के रूप में कार्य करते हैं।
  3. 3. राष्ट्रीय पार्कों (National Parks) और वन्यजीव अभ्यारण्यों की सीमाओं के भीतर या उसके आसपास किसी भी प्रकार के गैर-वन गतिविधियों (Non-forestry activities) के लिए वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति देने से पहले इस बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee) की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत (वर्ष 2002 के संशोधन के पश्चात) स्थापित एक सांविधिक निकाय है। कथन 2 सही है: इस सर्वोच्च शीर्ष निकाय के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं, और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री इसके पदेन उपाध्यक्ष (Vice-Chairman) होते हैं। कथन 3 सही है: राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों के अंदर या उनकी सीमाओं से लगे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (Eco-Sensitive Zones) में किसी भी प्रकार के विकास कार्यों या गैर-वन गतिविधियों के लिए बोर्ड की स्थायी समिति की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। अतः तीनों कथन सही हैं।
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